एस जयशंकर और मार्को रुबियो ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा-भारत और अमेरिका साझेदार, H-1B वीजा पर कही ये बात

S Jaishankar- Marco Rubio : भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए एस जयशंकर और मार्को रुबियो के बीच वार्ता हुई. इस वार्ता के बाद दोनों देशों के नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया, जिसमें यह जानकारी दी गई कि दोनों नेताओं ने किन-किन मुद्दों पर चर्चा की और भविष्य को लेकर क्या दिशा तय की गई है.

S Jaishankar- Marco Rubio : भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो ने रविवार को जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस प्रेस काॅन्फ्रेंस में मार्को रुबियो ने कहा कि जिन मुद्दों पर हम भारत के साथ मिलकर काम करते हैं, उनका दायरा यह दिखाता है कि भारत यूनाइटेड स्टेट्स का एक जरूरी स्ट्रेटेजिक पार्टनर है. हम दुनिया की दो सबसे बड़ी डेमोक्रेसी हैं और यही वजह है कि हमारे हित एक दूसरे से जुड़े हैं.

F1, H-1B वीजा की नीति पूरे विश्व के लिए बनी

वीजा और इमिग्रेशन नीति में हालिया बदलावों पर पूछे गए सवाल के जवाब में रुबियो ने स्पष्ट किया कि ये परिवर्तन केवल भारत के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर लागू किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने इमिग्रेशन सिस्टम को आधुनिक बनाने की प्रक्रिया में है, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में अवैध प्रवासियों के आने से सिस्टम पर दबाव बढ़ा है. उन्होंने कहा कि मैं अमेरिका की इकॉनमी में भारतीयों के योगदान को मानता हूं. भारतीय कंपनियों ने अमेरिकी इकॉनमी में 20 अरब डॉलर से ज्यादा का इन्वेस्ट किया है. हम चाहते हैं कि यह संख्या बढ़ती रहे.

रक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को लेकर कहा कि दोनों देशों के बीच 10 साल के प्रमुख रक्षा साझेदारी ढांचे को हाल ही में अपडेट किया गया है. इसके अलावा अंडरवाटर डोमेन अवेयरनेस से जुड़े एक व्यापक रोडमैप पर भी सहमति बनी है. उन्होंने मेक इन इंडिया पहल के तहत रक्षा उत्पादन में सहयोग बढ़ाने और हालिया संघर्षों से मिले सबक को ध्यान में रखने की आवश्यकता पर जोर दिया. एस जयशंकर ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते के अंतिम रूप को जल्द पूरा करने पर चर्चा हुई है, जो भविष्य में व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते का आधार बनेगा. उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष इस दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं और जल्द ही अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के भारत आने की उम्मीद है.इस संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बताया गया कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध न केवल मजबूत हो रहे हैं, बल्कि आने वाले समय में रक्षा, व्यापार और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में और समझौते होंगे.

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Published by: Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

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