Rishi Sunak: 200 साल तक शासन करने वाले ब्रिटेन पर राज करेगा एक भारतवंशी, ऋषि सुनक ने रचा इतिहास

लिज ट्रस के महज 45 दिनों बाद प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद ब्रिटेन में सियासी संकट की स्थिति उत्पन्न हो गयी थी. उसके बाद से ऋषि सुनक के प्रधानमंत्री बनने की चर्चा तेज हो गयी थी. उसके बाद जब बोरिस जॉनसन ने प्रधानमंत्री पद की रेस से खुद को अलग कर लिया, तो सुनक की जीत पक्की हो गयी.

दीपावली के मौके पर भारतीयों के लिए एक अच्छी खबर आयी. भारतीय मूल के ऋषि सुनक ब्रिटेन के नये प्रधानमंत्री होंगे. जिन अंग्रेजों ने भारत पर करीब 200 साल तक शासन किया, उसपर अब एक भारतवंशी राज करेगा. सुनक के प्रधानमंत्री बनने की घोषणा होने के साथ ही देशभर में खुशियां मनायी जाने लगी है.

बोरिस जॉनसन के हटने के साथ ही सुनक की दावेदारी हो गयी थी मजबूत

लिज ट्रस के महज 45 दिनों बाद प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद ब्रिटेन में सियासी संकट की स्थिति उत्पन्न हो गयी थी. उसके बाद से ऋषि सुनक के प्रधानमंत्री बनने की चर्चा तेज हो गयी थी. उसके बाद जब बोरिस जॉनसन ने प्रधानमंत्री पद की रेस से खुद को अलग कर लिया, तो सुनक की जीत पक्की हो गयी. पूर्व प्रधानमंत्री जॉनसन ने यह कहते हुए प्रधानमंत्री पद की दौड़ से खुद को अलग कर लिया कि वापसी के लिए यह सही समय नहीं है. अब महाराजा चार्ल्स III की मंजूरी मिलते ही सुनक ब्रिटेन के नये प्रधानमंत्री बन जायेंगे. ऐसी खबर है कि सुनक 28 अक्टूबर को पीएम पद की शपथ लेंगे.

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सुनक की क्या है योजना, पीएम बनने से पहले ही उन्होंने कर दी थी घोषणा

ऋषि सुनक ने प्रधानमंत्री बनने से पहले ही अपनी योजना बता दी थी. 42 वर्षीय पूर्व चांसलर ने कहा कि वह देश की अर्थव्यवस्था को ठीक करने, अपनी पार्टी को एकजुट करने और देश के लिए काम करना चाहते हैं. ऋषि सुनक ने कहा था, हम जानते हैं कि ब्रिटेन-भारत संबंध महत्वपूर्ण हैं. हम अपने दोनों देशों के बीच जीवंत सेतु का प्रतिनिधित्व करते हैं. सुनक ने कहा था कि द्विपक्षीय संबंधों के लिए उनका दृष्टिकोण ब्रिटेन के लिए भारत में चीजों को बेचने के मौके से परे रहा है और वह चाहते हैं कि ब्रिटेन भी भारत से सीखे. उन्होंने कहा था, मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि हमारे छात्रों के लिए भी भारत की यात्रा करना और सीखना आसान हो, हमारी कंपनियों और भारतीय कंपनियों के लिए एक-दूसरे के साथ काम करना आसान हो क्योंकि यह केवल एकतरफा संबंध नहीं है, यह दो-तरफा संबंध है, और इस तरह का बदलाव मैं उस रिश्ते में लाना चाहता हूं.

लिज ट्रस से हार गए थे ऋषि सुनक

मालूम हो ऋषि सुनक पिछले महीने हुए पार्टी नेतृत्व पद के चुनाव में पूर्व प्रधानमंत्री लिज ट्रस से हार गए थे. ट्रस को 57.4 प्रतिशत और सुनक को 42.6 प्रतिशत मत मिले थे. ट्रस ने कंजरवेटिव पार्टी में अपने नेतृत्व के खिलाफ खुले विद्रोह के बाद सिर्फ 45 दिनों के बाद प्रधानमंत्री पद से इस्तीफे की घोषणा कर दी थी.

कौन हैं ऋषि सुनक

पूर्व निवेश बैंकर और ऑक्सफोर्ड तथा स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के स्नातक ऋषि सुनक का जन्म 12 मई 1980 को ब्रिटेन के साउथम्पटन में हुआ था. सुनक के पिता यशवीर सेवानिवृत्त डॉक्टर हैं जबकि उनकी मां ऊषा सुनक फार्मासिस्ट हैं. सुनक के दादा-दादी का जन्म पंजाब प्रांत में हुआ था. हालांकि सुनक के पिता का जन्म केन्या और मां तंजानिया में जन्मीं हैं. 2015 में यॉर्कशायर के टोरी गढ़ रिचमंड से संसद सदस्य चुने गए थे और फिर वह जल्द ही कनिष्ठ मंत्री से वित्त मंत्री के पद तक पहुंच गए. सुनक की दो बेटियां -कृष्णा और अनुष्का हैं. सुनक की पत्नी अक्षता मूर्ति इन्फोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति तथा लेखक सुधा मूर्ति की बेटी हैं.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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