बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया और राहुल गांधी के बयान का एक-एक कर जवाब दिया. पात्रा ने कहा, "राहुल गांधी जी ने कहा कि मैं बीजेपी या आरएसएस या बीजेपी से जुड़े किसी व्यक्ति से कभी माफी नहीं मांगता हूं और नहीं मांगूंगा. अभी तो कुछ दिन पहले ही कोर्ट में शिवराज सिंह चौहान जी से माफी मांगा था, लिखित में माफी मांगा था, कि 'मुझे प्लीज माफ कर दीजिए'. और मुझे याद है 'चौकीदार चोर है' जो उन्होंने कहा था, सुप्रीम कोर्ट ने उनसे हलफनामे में, एफिडेविट पर माफी मंगवाई थी. एफिडेविट हस्ताक्षर करके राहुल गांधी जी ने माफी मांगा था."
राहुल गांधी कोर्ट में जाकर मांगते हैं माफी: संबित पात्रा
संबित पात्रा ने हमला जारी रखते हुए कहा, "राहुल गांधी जी, आप माइक के सामने माफी नहीं मांगते, लेकिन कोर्ट में जाके, एफिडेविट देके, आप माफी मांगते हैं. यह आपका कैरेक्टर है, यह हम भी जानते हैं कि आप माफी मांगते हैं, कोर्ट में मांगते हैं.
शूटिंग और गृह मंत्री पर लगाए आरोपों को बताया निराधार
राहुल गांधी द्वारा संसद में छात्रों पर गोली चलाए जाने और इसका आदेश गृह मंत्री द्वारा दिए जाने के आरोप को बीजेपी ने सिरे से खारिज कर दिया. पात्रा ने स्पष्ट किया कि घटना स्थल पर कोई फायरिंग या गोलीबारी नहीं हुई है. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर राहुल गांधी के पास कोई कारतूस या बैलिस्टिक जांच रिपोर्ट है, तो उसे पेश करें. पात्रा ने प्रशासनिक प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए कहा कि किसी भी विरोध प्रदर्शन या भीड़ की स्थिति में मौके पर मौजूद लोकल एसडीएम (सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट) ही स्थिति को संभालने और आवश्यक कदम उठाने का निर्णय लेता है. दिल्ली पुलिस भले ही गृह मंत्रालय के अधीन आती हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि गृह मंत्री हर जगह खुद आदेश दे रहे हों.
गृह मंत्री के पुलिसवालों से बातचीत करने का राहुल गांधी का दावा फर्जी: पात्रा
बीजेपी प्रवक्ता ने राहुल गांधी के उस दावे पर भी सवाल उठाया जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने गृह मंत्री को पुलिसवालों से फोन पर बात करते देखा. पात्रा ने पूछा कि संसद परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के बीच राहुल गांधी ने गृह मंत्री को किससे बात करते देख लिया? उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की यह पुरानी आदत है. इससे पहले भी वह पूर्व रक्षा मंत्री दिवंगत मनोहर पर्रिकर और दिवंगत सुषमा स्वराज के नाम पर भी राफेल और अन्य मुद्दों को लेकर झूठे दावे कर चुके हैं, जो बाद में गलत साबित हुए थे.
राहुल गांधी ने शाह पर 30 गाड़ियों के काफिले में चलने का लगाया आरोप, पात्रा ने बताया झूठ
संबित पात्रा ने गांधी की इस टिप्पणी की भी आलोचना की कि शाह 30 गाड़ियों के काफिले में चलते हैं क्योंकि वह डरे हुए हैं. ‘‘यह झूठ है. शायद प्रधानमंत्री के काफिले में भी 30 गाड़ियां नहीं होतीं. राहुल गांधी, आइए और मुझे दिखाइए कि अमित शाह के काफिले में आपने वे 30 गाड़ियां कहां देखीं?’’ लोकसभा में गांधी की इस टिप्पणी पर कि केंद्रीय गृह मंत्री डर से कांपते हैं, पात्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि शाह वह व्यक्ति हैं जो नक्सलियों और आतंकवादियों को डर से कंपा देते हैं.
राहुल गांधी ने क्या आरोप लगाया है?
राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि शाह ने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की ज्यादती और गोलीबारी को मंजूरी दी थी. इस आरोप के कारण लोकसभा में भारी हंगामा हुआ. राहुल गांधी ने शाह से इस्तीफा देने की मांग की है. गांधी ने दावा किया, ‘‘गृह मंत्री में संसद में आकर जवाब देने का साहस नहीं है. उनमें इतनी हिम्मत नहीं है कि वह इस तरह आपके सामने खड़े होकर सवालों का सामना कर सकें. वह तो वहां से भाग जाएंगे. हमें उनसे संसद में आने की कोई उम्मीद नहीं है, लेकिन हम जानते हैं कि इसकी जिम्मेदारी उन्हीं की है. और हम उन्हें इसकी जवाबदेही से बचकर निकलने नहीं देंगे.’’
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