Reciprocal Tariffs: ट्रंप के टैरिफ वॉर पर क्या कहता है Grok AI, भारत को दिया ये शानदार सुझाव

Reciprocal Tariffs: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका को माल निर्यात करने वाले सभी देशों पर टैरिफ लगा दिया है. जिससे दुनिया में तहला मच गया है. अमेरिका ने भारत से आयातित सभी वस्तुओं पर 27 प्रतिशत का भारी शुल्क लगा दिया है. ट्रंप के इस फैसले से विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में झींगा से लेकर इस्पात तक के उत्पादों की बिक्री पर असर पड़ सकता है. ट्रंप के फैसले पर भारत क्या रुख अपनाता यह देखने वाली बात हैं. हालांकि सूत्रों के हवाले से खबर है कि भारत टैरिफ वॉर पर ‘इंतजार करो और देखो’ की नीति अपनाएगा. इस वैश्विक संकट पर Grok AI से सवाल पूछा गया, तो उसने मजेदार जवाब दिया. साथ ही भारत के पास आगे क्या ऑप्शन है, उसपर अच्छा सुझाव भी दे दिया है.

Reciprocal Tariffs: डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ बढ़ाने दुनिया भर में तहलका मच गया है. Grok AI ने इस संकट पर कहा कि ट्रंप की दादागिरी पर भारत को समझदारी और ताकत दोनों दिखानी चाहिए. ग्रुक के अनुसार भारत को जवाबी टैरिफ चाल चलनी चाहिए. अमेरिकी उत्पाद, जैसे Harley-Davidson बाइक्स, व्हिस्की, या टेक प्रोडक्ट्स पर भारत टैरिफ बढ़ा सकता है. 2018 में भी भारत ने ऐसा ही किया था. ऐसा करने से ट्रंप को मैसेज जाएगा कि हम भी कम नहीं हैं.

अमेरिका पर निर्भरता कम करना चाहिए

ग्रुक ने एक अच्छा सुझाव दिया है कि भारत को अमेरिका पर अपनी निर्भरता को कम करना चाहिए. यूरोप, जापान और एशियन देशों के साथ अपना ट्रेड बढ़ाना चाहिए.

भारत को मेक इन इंडिया पर और जोर देने की जरूरत

डोनाल्ड ट्रंप को भारत तगड़ा झटका दे सकता है. टैरिफ वॉर के जवाब में भारत को घरेलू उत्पाद पर अधिक ध्यान देना चाहिए. ट्रंप का मकसद है टैरिफ वॉर के जरिए अमेरिकी इंडस्ट्री को बढ़ावा देना. इसके जवाब में भारत को मेक इन इंडिया पर और जोर देना चाहिए. अमेरिकी सामना के दम बढ़ने पर घरेलू उत्पाद तैयार कर उसकी भरपाई की जा सकती है.

ट्रंप के टैरिफा का असर भारत के इन खनिज पदार्थ पर नहीं पड़ेगा असर

अमेरिका ने भारत से आयातित सभी वस्तुओं पर 27 प्रतिशत का भारी शुल्क लगा दिया है, जिसमें फार्मास्युटिकल्स, सेमीकंडक्टर, ऊर्जा और कुछ खनिज पदार्थ शामिल नहीं हैं. ये उत्पाद अमेरिका में उपलब्ध नहीं हैं. अमेरिका को झींगा, कालीन, चिकित्सा उपकरण और सोने के आभूषण जैसे उत्पादों का निर्यात प्रभावित होगा. दूसरी ओर, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा और फार्मा के निर्यात को उसके प्रतिस्पर्धी देशों पर बढ़त मिलेगी.

ट्रंप ने 10 प्रतिशत से लेकर 50 प्रतिशत तक बढ़ाया टैरिफ

डोनाल्ड ट्रंप ने सभी व्यापारिक साझेदारों से आयात पर 10 प्रतिशत से लेकर 50 प्रतिशत तक अतिरिक्त टैरिफ लगाया है. भारत पर 10 प्रतिशत का आधारभूत शुल्क पांच अप्रैल से और अतिरिक्त 27 प्रतिशत शुल्क नौ अप्रैल से प्रभावी होगा. इस कदम से अमेरिका को भारत की कुछ वस्तुओं के निर्यात पर असर पड़ सकता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि भारत अपने प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में बेहतर स्थिति में है. इनमें बांग्लादेश (37 प्रतिशत), चीन (54 प्रतिशत), वियतनाम (46 प्रतिशत) और थाइलैंड (36 प्रतिशत) शामिल हैं, जिन्हें बढ़े हुए शुल्कों का सामना करना पड़ रहा है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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