Ration Card : राशन की दुकानों में कब से मिलेगा गेहूं, सरकार की ओर से दी गई जानकारी

Ration Card : तमिलनाडु सरकार ने नवंबर के मध्य तक राशन की सभी दुकानों पर गेहूं की आपूर्ति का आश्वासन दिया है. जानें राशन दुकानों का हाल.

Ration Card : तमिलनाडु में राशन की दुकानों पर गेहूं की कमी के बाद सरकार ने कदम उठाया है. राज्य सरकार ने आश्वासन दिया है कि नवंबर के मध्य तक सभी राशन दुकानों पर गेहूं की आपूर्ति शुरू हो जाएगी. अन्नाद्रमुक के महासचिव ई. के. पलानीस्वामी ने दुकानों पर गेहूं के भंडार की कमी की शिकायत की थी, जिसके बाद सरकार ने 15 नवंबर तक सप्लाई सुनिश्चित करने का भरोसा दिया.

12,573 राशन दुकानों में गेहूं उपलब्ध नहीं

अन्नाद्रमुक के महासचिव पलानीस्वामी ने दावा किया कि तमिलनाडु की 12,573 राशन दुकानों में गेहूं उपलब्ध नहीं है. इस पर राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री आर. सक्करपानी ने बताया कि राज्य सरकार लगातार केंद्र से अधिक गेहूं आवंटित करने का अनुरोध कर रही है. उन्होंने कहा कि जनवरी 2024 से सितंबर 2024 तक केंद्र सरकार ने केवल 8,576 मीट्रिक टन गेहूं भेजा. मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के आग्रह पर अक्टूबर 2024 से फरवरी 2025 तक राज्य को गेहूं का आवंटन बढ़ाकर 17,100.38 मीट्रिक टन कर दिया गया.

15 नवंबर तक राशन दुकानों पर 100 प्रतिशत गेहूं पहुंचा दिया जाएगा

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री आर. सक्करपानी ने रविवार को एक बयान जारी किया. इसमें कहा कि यह गेहूं बिना किसी बाधा के उचित मूल्य की दुकानों पर आम जनता को वितरित किया जा रहा है. अभी केंद्र ने गेहूं का कोटा घटाकर पहले के आवंटन तक सीमित कर दिया है. सक्करपानी ने आश्वासन दिया कि 15 नवंबर तक राशन दुकानों पर 100 प्रतिशत गेहूं पहुंचा दिया जाएगा और यह अनाज बिना किसी बाधा के जनता को उपलब्ध कराया जाएगा.

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राशन दुकानों में गेहूं नहीं रहने के कारण ग्राहक कुछ परेशान नजर आए. हालांकि सरकार की ओर से आश्वासन मिलने के बाद उन्हें कुछ राहत मिली है. उम्मीद है कि इस महीने से उन्हें गेहूं मिल जाएगा.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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