Rajasthan Election 2023: कांग्रेस में हंगामा शुरू! उम्मीदवारों की सूची जारी होने से पहले बढ़ी पार्टी की टेंशन

Rajasthan Election 2023 : राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि चुनाव के समय किसी सांसद या विधायक के खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणी होना असामान्य बात नहीं है. उन्होंने कहा कि इसमें सच्चाई भी हो सकती है और षड्यंत्र भी हो सकता है. उम्मीदवारों की सूची जारी होने से पहले मचा हंगामा

Rajasthan Election 2023 : विधासभा चुनाव के लिए मतदान में केवल चंद रोज रह गये हैं और कांग्रेस ने उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की है. उम्मीदवारों के नाम पर मंथन के लिए एक अहम बैठक हुई. कांग्रेस के कुछ विधायकों के विरोध के बीच पार्टी की राज्य चुनाव समिति ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों के नामों को लेकर चर्चा की. पार्टी के नेताओं की ओर से उक्त जानकारी दी गई है. कांग्रेस नेताओं की मानें तो कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की अध्यक्षता वाली समिति ने एक सूची में संभावित नामों के साथ टिप्पणियां भी दर्ज की, जिसे दिल्ली में स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में पेश किया जाएगा. आपको बता दें कि राजस्थान विधानसभा चुनाव की तारीखों में चुनाव आयोग ने बदलाव किया है, अब मतदान 25 नवंबर को होगा. पहले मतदान की तारीख 23 नवंबर निर्धारित की गई थी. चुनाव आयोग के अनुसार अब चुनाव के लिए 30 अक्टूबर को अधिसूचना जारी की जाएगी. नामांकन की अंतिम तारीख छह नवंबर है, वहीं सात नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी और नौ नवंबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे. मतदान की तारीख 25 नवंबर निर्धारित की गई है और परिणाम तीन दिसंबर को घोषित किए जाएंगे.

कांग्रेस के ‘वॉर रूम’ में अहम बैठक

कांग्रेस पार्टी के ‘वॉर रूम’ में शुक्रवार शाम यह अहम बैठक हुई. इस बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और समिति के अन्य सदस्य शामिल हुए. बैठक के दौरान विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों के पार्टी कार्यकर्ताओं के कई समूहों ने मौजूदा पार्टी विधायकों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और पार्टी से विधायकों को टिकट नहीं देने की मांग की. बैठक समाप्त होने के बाद डोटासरा ने मीडिया से बात की और कहा कि सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है. उन्होंने कहा कि सभी कांग्रेस कार्यकर्ता लंबे समय से अपनी बात कहते रहे हैं. अगर कोई अपने विचार व्यक्त करता है, तो हम उसकी बात सुनेंगे और जो भी उचित होगा उसे स्क्रीनिंग कमेटी को बताया जाएगा.

इसमें सच्चाई भी हो सकती है और षड्यंत्र भी हो सकता है

वहीं सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि चुनाव के समय किसी सांसद या विधायक के खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणी होना असामान्य बात नहीं है. उन्होंने कहा कि इसमें सच्चाई भी हो सकती है और षड्यंत्र भी हो सकता है. यह चलता रहता है और अंततः पार्टी आलाकमान उचित निर्णय लेगा और जीतने योग्य उम्मीदवार को टिकट दिया जाएगा तथा यह हम सभी को स्वीकार होगा. गहलोत ने कहा कि पार्टी में सब चीजें ठीक चल रही हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पूर्वी राजस्थान के बारां जिले से चुनाव अभियान शुरू करेगी जहां पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे 16 अक्टूबर को एक जनसभा को संबोधित करेंगे. उसके बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी 20 अक्टूबर को दौसा के सिकराय में रैली को संबोधित करेंगी.

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आगे सीएम गहलोत ने कहा कि उनकी सरकार केंद्र सरकार से पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने की मांग कर रही है लेकिन केंद्र ने इस पर ध्यान नहीं किया. उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस पार्टी पूर्वी राजस्थान के जिलों में बैठकों के जरिए इस मुद्दे पर नरेंद्र मोदी नीत केंद्र सरकार और बीजेपी को बेनकाब करेगी.

‘वॉर रूम’ के पास विरोध प्रदर्शन

बैठक शुरू होने से कुछ देर पहले कामां, सवाई माधोपुर, किशनपोल और सरदारशहर विधानसभा क्षेत्रों के पार्टी कार्यकर्ता ‘वॉर रूम’ के पास पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने मौजूदा विधायकों के खिलाफ नारे लगाए और मांग की कि उन्हें टिकट नहीं दिया जाना चाहिए. जाहिदा खान कामां निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस विधायक हैं, जबकि दानिश अबरार सवाई माधोपुर से, अमीन कागजी किशनपोल (जयपुर) से और अनिल शर्मा सरदारशहर (चूरू) से विधायक हैं.

भाषा इनपुट के साथ

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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