बोकारो में केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे का बड़ा दावा- '55 दिनों का स्टॉक तैयार, नहीं बुझेगी देश की बिजली'

Satish Chandra Dubey: केंद्रीय कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने बेरमो में घोषणा की कि देश के पास 55 दिनों का कोयला स्टॉक सुरक्षित है और कोई बिजली संकट नहीं होगा. उन्होंने 4 लेबर कोड को मजदूर हितैषी बताया और झारखंड सरकार पर कोयला चोरी रोकने में सहयोग न करने का आरोप लगाया.

Satish Chandra Dubey, बोकारो, (राकेश वर्मा): केंद्रीय कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे शनिवार को बोकारो जिले के बेरमो में थे. जहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कोल इंडिया ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में एक बिलियन टन कोयला उत्पादन का ऐतिहासिक आंकड़ा पार किया था और चालू वित्तीय वर्ष में भी इससे बेहतर उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने कहा कि इस वर्ष औसत से अधिक बारिश होने के कारण उत्पादन में थोड़ी बाधा जरूर आई है, लेकिन स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है.

55 दिन का कोयला स्टॉक, बिजली संकट की आशंका नहीं

सतीश चंद्र दुबे ने बताया कि फिलहाल कोल इंडिया के पास खदान के बाहर 55 दिनों का कोयला स्टॉक उपलब्ध है. इसके अलावा 25 दिनों का कोयला पावर प्लांट के पास मौजूद है, जबकि करीब 6 दिनों का कोयला ट्रांसपोर्टेशन में है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि देश का कोई भी पावर प्लांट कोयले की कमी के कारण बंद नहीं होगा. उत्पादन और उत्पादकता, दोनों ही मोर्चों पर कोल इंडिया अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर है.

चार लेबर कोड मजदूरों के हित में

चार लेबर कोड को लेकर पूछे गये सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये कानून पूरी तरह मजदूर हित में हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए पुराने और जटिल कानूनों में बदलाव किया है. पहले के कानून घिसे-पिटे और जटिल थे, जिन्हें सरल और प्रभावी बनाया गया है.

Also Read: झारखंड के जुगसलाई में मरीन ड्राइव की तर्ज पर बनेगा नया कॉरिडोर, चेयरमैन नौशीन खान ने बताया विजन

कोयले की बिक्री और ओपन मार्केट

कोल इंडिया की कुछ कंपनियों में कोयले के उपभोक्ता नहीं मिलने की बात को सिरे से खारिज करते हुए दुबे ने कहा कि अब ऐसी स्थिति नहीं है. पहले कोल लिंकेज राजनीतिक पकड़ वालों को ही मिलता था, लेकिन अब ओपन मार्केट में कोयला बेचा जा रहा है. उन्होंने कहा कि भारत के कोयले को वैश्विक बाजार में बेचने की दिशा में भी काम किया जा रहा है.

कोकिंग कोल आयात घटाने पर फोकस

विदेशों से हो रहे कोकिंग कोल के आयात को कम करने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि इस दिशा में कोयला मंत्रालय गंभीरता से काम कर रहा है. इसके लिए ‘मिशन कोकिंग कोल’ योजना तैयार की गयी है. साथ ही झरिया एक्शन प्लान पर भी काम हो रहा है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि विस्थापन के मामलों में राज्य सरकार का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है.

झारखंड में कोयला चोरी पर चिंता

झारखंड की कोयला खदानों में बड़े पैमाने पर हो रही कोयला चोरी पर चिंता जताते हुए सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि चोरी करने वालों को पकड़कर राज्य सरकार के हवाले किया जाता है, लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिलता. उन्होंने साफ कहा कि जब तक राज्य सरकार का सहयोग नहीं मिलेगा, तब तक कोयला चोरी पर पूरी तरह अंकुश लगाना मुश्किल है. केंद्रीय मंत्री ने दोहराया कि कोकिंग कोल के आयात को कम कर देश में उत्पादित कोयले का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है.

Also Read: खरसावां की बदलेगी सूरत: विधायक दशरथ गागराई ने दिया 1.57 करोड़ का तोहफा, केरसे मुंडा चौक बनेगा भव्य!

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >