राहुल गांधी संसद में क्या पढ़ना चाहते थे जिसपर हुआ हंगामा, नेता प्रतिपक्ष ने कहा- डरी हुई है सरकार

Rahul Gandhi: लोकसभा में सोमवार को भारी हंगामा हुआ. राहुल गांधी पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे की पुस्तक फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी के ड्राफ्ट के उस अंश को पढ़ना चाहते थे, जिसमें 31 अगस्त, 2020 की एक घटना का उल्लेख है. यह संस्मरण अभी प्रकाशित नहीं हुआ है. राहुल संसद में उस लाइन को पढ़ने पर अड़े हुए हैं. इधर बीजेपी सांसद इसका जोरदार विरोध कर रहे हैं.

Rahul Gandhi: संसद से बाहर राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा- सरकार उस एक पंक्ति से डरती है जिसे मैं पूर्व सेना प्रमुख की पुस्तक से उद्धृत करना चाहता हूं. मैं उस पंक्ति को लोकसभा में बोलूंगा. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि वह काल्पनिक बातें करके सदन को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं और सेना पर सवाल उठा रहे हैं. गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा कि सदन में पुस्तक और पत्रिका में प्रकाशित बातों को नहीं रखा जा सकता और नेता प्रतिपक्ष को व्यवस्था का पालन करना चाहिए.

राहुल गांधी का आरोप, पूर्व आर्मी चीफ की किताब को पब्लिश नहीं होने दिया जा रहा

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, यह मैं नहीं कह रहा, यह बात पूर्व आर्मी चीफ ने एक किताब में लिखी है. उस किताब को पब्लिश नहीं होने दिया जा रहा है. वह अटकी हुई है, और यह आर्मी चीफ का नजरिया है. वे आर्मी चीफ के नजरिए से इतना क्यों डर रहे हैं? आर्मी चीफ जो कहना चाहते हैं, उससे वे इतना क्यों डर रहे हैं? हमें इससे कुछ सीखने को मिलेगा. बेशक, हमें एक प्रधानमंत्री के बारे में कुछ सीखने को मिलेगा. हमें राजनाथ सिंह जी के बारे रमें कुछ सीखने को मिलेगा. लेकिन हमें आर्मी के बारे में भी कुछ सीखने को मिलेगा और कैसे देश की राजनीतिक लीडरशिप ने उसे नीचा दिखाया.

मुझे बस 2-3 लाइनें बोलनी हैं : राहुल गांधी

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा है. मुझे बस 2-3 लाइनें बोलनी हैं. यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है. ये आर्मी चीफ (पूर्व) के शब्द हैं, और यह बातचीत उन्होंने राजनाथ सिंह जी और पीएम मोदी से की थी. मैं बस इतना कह रहा हूं कि मैं सदन में वही कहना चाहता हूं जो आर्मी चीफ (पूर्व) ने लिखा है और राजनाथ सिंह और पीएम मोदी ने उन्हें क्या आदेश दिए थे.

पीएम मोदी और रक्षा मंत्री की सच्चाई आ जाएगी सामने : राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा- मैं कह रहा हूं कि नरवणे जी ने अपनी किताब में प्रधानमंत्री और राजनाथ सिंह जी के बारे में साफ-साफ लिखा है. यह एक आर्टिकल में छपा है. मैं उस आर्टिकल को कोट कर रहा हूं. वे मुझे बोलने नहीं दे रहे हैं… वे डरे हुए हैं क्योंकि अगर यह बात सामने आती है, तो नरेंद्र मोदी और राजनाथ सिंह की सच्चाई लोगों के सामने आ जाएगी और जब चीन हमारे सामने खड़ा था, आगे बढ़ रहा था, तो 56 इंच के सीने का क्या हुआ?

देश के लीडर को फैसलों से भागना नहीं चाहिए : राहुल गांधी

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, मैं सदन में बोलना चाहता हूं. यहां मुद्दा ठीक वही है जो प्रधानमंत्री ने कहा और जो राजनाथ सिंह जी ने कहा. जमीन ली गई थी या नहीं, यह एक अलग सवाल है. हम उस पर आएंगे. लेकिन उस पर आने से पहले, देश के नेता को दिशा देनी होती है. देश के नेता को फैसलों से भागना नहीं चाहिए और फैसले दूसरे लोगों के कंधों पर नहीं छोड़ने चाहिए. प्रधानमंत्री ने यही किया है.

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By Arbindkumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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