Rahul Gandhi Bungalow: सदस्यता मिली...बंगला मिला, अब कब होगी राहुल की शादी? लालू यादव ने किया था ऐसा सवाल

सांसद बनने के बाद राहुल गांधी को 2005 में लुटियंस दिल्ली में स्थित सरकारी आवास आवंटित किया गया था. लेकिन दो साल की सजा मिलने के बाद संसद सदस्यता खत्म होने के बाद उन्हें सरकारी आवास खाली करना पड़ा था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा सजा पर रोक लगाये जाने के बाद उनकी संसद सदस्यता फिर से बहाल हो गयी है.

सुप्रीम कोर्ट से मोदी सरनेम मामले में राहत मिलने के साथ ही राहुल गांधी को दोहरी खुशी भी मिल गयी है. एक तो उनकी संसद सदस्यता बहाल हो गयी है, दूसरा उन्हें पुराना सरकारी बंगला भी आवंटित हो गया है. संसद की हाउसिंग कमेटी ने राहुल की सांसदी बहाल होने के एक दिन बाद पुराना सरकारी बंगला 12 तुगलक लेन अलॉट कर दिया. सरकारी बंगला मिलने के बाद राहुल गांधी का बयान भी सामने आया है. उन्होंने कहा, पूरा हिंदुस्तान मेरा घर है. बंगला मिलने के साथ ही सोशल मीडिया में लोग लालू यादव के उस सवाल पर मजे ले रहे हैं कि राहुल को नौकरी वापस मिल गयी है, बंगला भी मिल गया है, अब शादी कब करेंगे. दरअसल पटना में जब विपक्षी दलों की पहली बैठक हुई थी, तो उस समय प्रेस कॉन्फ्रेंस में लालू प्रसाद यादव ने राहुल गांधी से पूछा था कि शादी कब करेंगे. लालू के सवाल के सवाल पर राहुल ने भी कहा था कि वो कह दिये तो हो जाएगी. इसपर वहां मौजूद सभी लोग हंस पड़े थे.

राहुल गांधी को 2005 में आवंटित हुआ था लुटियंस स्थित सरकारी बंगला

लोकसभा सांसद बनने के बाद राहुल गांधी को 2005 में लुटियंस दिल्ली में स्थित सरकारी आवास आवंटित किया गया था. लेकिन दो साल की सजा मिलने के बाद संसद सदस्यता खत्म होने के बाद उन्हें सरकारी आवास खाली करना पड़ा था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा सजा पर रोक लगाये जाने के बाद उनकी संसद सदस्यता फिर से बहाल हो गयी है. संसद सदस्यता बहाल होने के साथ ही उन्हें सरकारी आवास भी आवंटित कर दिया गया है. एक सांसद को मिलने वाली सभी सुविधाएं भी अब उन्हें मिलने लगेगीं.

22 अप्रैल को राहुल गांधी ने सरकारी बंगला किया था खाली

मोदी सरनेम मामले में सजा मिलने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लुटियंस दिल्ली में स्थित अपना सरकारी आवास 22 अप्रैल को खाली कर दिया था. उसके बाद वह 12 तुगलक लेन स्थित सरकारी बंगला खाली करने के बाद अपनी मां सोनिया गांधी के आवास पर कुछ समय के लिए रहने चले गए थे. मानहानि के एक मामले में दोषसिद्धि के बाद लोकसभा की सदस्यता गंवाने के बाद राहुल को 22 अप्रैल तक यह बंगला खाली करने को कहा गया था. बंगला खाली करने के बाद राहुल गांधी ने कहा था कि उन्हें कहा था, मैंने सच बोलने की कीमत चुकाई, मैं कोई भी कीमत चुकाने को तैयार हूं. उन्होंने कहा कि वह महंगाई और भ्रष्टाचार का मुद्दा दोगुनी ताकत से उठाना जारी रखेंगे. बंगला खाली कर जाते समय राहुल ने कहा था, यदि यह मुझसे छीन लिया गया है, तो भी मुझे कोई दिक्कत नहीं है. यह घर मुझे भारत के लोगों ने दिया था.

राहुल गांधी 12-13 अगस्त को वायनाड का दौरा करेंगे

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी लोकसभा सदस्यता बहाल होने के बाद अब आगामी 12 और 13 अगस्त को केरल स्थित अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड का दौरा करेंगे. पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मंगलवार को यह जानकारी दी. संसद की सदस्यता बहाल होने के बाद राहुल गांधी पहली बार वायनाड पहुंचेंगे. वेणुगोपाल ने ट्वीट किया, 12-13 अगस्त को राहुल गांधी जी अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड का दौरा करेंगे. वायनाड के लोग के इस बात से खुश हैं कि लोकतंत्र की जीत हुई और उनकी आवाज संसद में लौट आई. राहुल जी सिर्फ एक सांसद नहीं, उनके परिवार के सदस्य हैं.

राहुल गांधी को किस मामले में मिली राहत

यहां सबसे पहले यह जानने की जरूरत है कि आखिर राहुल गांधी को किस मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली और फिर तीन दिनों के बाद संसद की सदस्यता बहाल हो गयी. दरअसल राहुल गांधी ने अप्रैल 2019 में कर्नाटक की एक रैली में मोदी सरनेम पर टिप्पणी करते हुए चोरों से जोड़ दिया था. उसके बाद बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी ने इसकी शिकायत की. शिकायत के चार साल के बाद मार्च 2023 में सूरत की कोर्ट ने राहुल गांधी को दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई. सजा सुनाये जाने के 26 घंटे बाद राहुल गांधी की संसद सदस्यता समाप्त कर दी गयी. इस फैसले को राहुल गांधी ने निजली अदालत में चुनौती दी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया. फिर राहुल ने फैसले का गुजरात हाई कोर्ट में चुनौती दी. वहां से भी राहुल गांधी को निराशा हाथ लगी. आखिरकार राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में सुनौती दी. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए निजली अदालत के फैसले और हाई कोर्ट के सजा बहाली वाले फैसले पर सख्त टिप्पणी की और सजा पर रोक लगा दिया.

सदस्यता बहाली के बाद संसद पहुंचे राहुल गांधी का भव्य स्वागत

सदस्यता बहाल होने के बाद राहुल गांधी सोमवार को दोपहर 12 बजे संसद भवन पहुंचे और लोकसभा की कार्यवाही में शामिल हुए. संसद भवन पहुंचने के बाद राहुल गांधी ने सबसे पहले महात्मा गांधी की प्रतिमा को नमन किया और फिर सदन में गए. लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, राज्यसभा में पार्टी के उप नेता प्रमोद तिवारी, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के एनके प्रेमचंद्रन और कई अन्य विपक्षी सांसदों ने संसद भवन के प्रवेश द्वार पर राहुल गांधी का स्वागत किया. विपक्षी सांसदों ने ‘राहुल गांधी संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं’ और ‘राहुल गांधी जिंदाबाद’ के नारे लगाए.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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