सोमवार को संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लद्दाख को राज्य के दर्जे और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने के मांग करते हुए स्थगन प्रस्ताव पेश किया. केरल के वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने सदन की कार्यवाही को स्थगित करने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया. इसके नोटिस में राहुल गांधी ने कहा कि वे लेह एपेक्स बॉडी औऱ कारगिल डेमोक्रेटिक एलायंस के सदस्यों के साथ साथ हितधारकों के साथ एक समिति का गठन करना चाहते हैं और इसे लेकर वह संसद में चर्चा करना चाहते हैं जिससे उनकी मांगों पर विचार हो सके.
राहुल गांधी ने कहा कि लद्दाख को अलग राज्य का दर्जा दिए जाने को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता है. केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के कई प्रमुख नेताओं ने बड़े स्तर पर आंदोलन करने की घोषणा की है. वहीं, आपको बता दें कि पिछले दिनों लद्दाख के मुद्दों को लेकर लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद लेह के काउंसिलर सेरिग नाम्गयाल की अध्यक्षता में कांग्रेस की एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की थी.
मुलाकात के दौरान लद्दाख के प्रतिनिधिमंडल ने लद्दाख के लोगों को संवैधानिक सुरक्षा देने के साथ साथ छठी अनुसूची में शामिल करने पर जोर दिया. प्रतिनिधिमंडल ने राहुल गांधी को लद्दाख आने का न्योता भी दिया. इस दौरान क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान बचाने सहित भूमि अधिकार औऱ बेरोजगारी का मुद्दा भी उठाया.
बता दें कि केंद्र सरकार ने 2019 में जम्मू औऱ कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा खत्म करते हुए दो केंद्र शासित राज्यों कश्मीर औऱ लद्दाख के रूप में विभाजित किया था. इसके लिए केंद्र की मोदी सरकार ने 5 अगस्त 2019 को संसद में एक कानून पारित करते हुए लद्दाख को केंद्र शासित राज्य का दर्जा दिया था.
