Video: राहुल गांधी का सरकार पर वार: शिक्षा और रोजगार मांगने पर बिहार के बच्चों को मिली AK-47 की गोली

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बिहार के प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस गोलीबारी/लाठीचार्ज में घायल हुए युवाओं से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना. छात्रों ने भी राहुल गांधी को पूरी आपबीती सुनाई. इस बातचीत का वीडियो राहुल गांधी ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर साझा किया है.

वीडियो में घायल युवाओं ने बताया कि वे किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं थे; उनमें से कोई अपना जाति और निवास प्रमाणपत्र बनवाने गया था, तो कोई सामान्य छात्र था. पीड़ितों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना किसी चेतावनी के पीछे से गोलियां चलाईं और गोली लगने के बाद जब वे गिर गए, तब भी पुलिसकर्मियों ने उन पर लाठियां बरसाईं. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय काफी देर तक रोके रखा गया.

बच्चों ने क्या गुनाह किया था कि इन पर गोलियां चला दी गईं? : राहुल गांधी

राहुल गांधी ने सरकार से सवाल किया और एक्स पर पोस्ट कर सवाल उठाया. पूछा, इन बच्चों ने आखिर ऐसा क्या गुनाह किया था कि इन पर गोलियां चला दी गईं? उन्होंने कहा कि इन युवाओं ने सरकार से सिर्फ तीन ही चीजें मांगी थीं— शिक्षा, रोजगार और जवाबदेही.


AK-47 की गोली से टूटा सेना में जाने का सपना

पीड़ित छात्रों की आपबीती बताते हुए राहुल गांधी ने कहा कि एक छात्र के पैर की हड्डी AK-47 की गोली से चकनाचूर हो गई. इसके साथ ही देश की सेवा करने और सेना (आर्मी) में भर्ती होने का उसका सपना भी हमेशा के लिए टूट गया. दो अन्य छात्रों के कंधे को चीरती हुई गोलियां निकल गईं.

ये युवा कोई अपराधी नहीं थे, बल्कि बेहद गरीब परिवारों के बच्चे थे जो अपने परिवार के सपनों का बोझ उठाकर पढ़ाई करने निकले थे—कोई अच्छी नौकरी चाहता था, तो कोई अपने परिवार की स्थिति बदलना चाहता था.

सपनों को तोड़ने का हिसाब कौन देगा?

मुलाकात के दौरान छात्रों ने बताया कि वे किसी हिंसा में शामिल नहीं थे, फिर भी पुलिस ने उन पर पीछे से गोलियां चलाईं और गिरने के बाद भी लाठियों से पीटा. राहुल गांधी ने इस बर्बरता पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा:

"गोलियों के जख्म तो भर जाएंगे—लेकिन उन बच्चों के दिलों में जो खौफ बैठ गया है, उसे ठीक करने वाला अस्पताल कहां है? प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी—इनकी टूटी हुई हड्डियां तो जुड़ जाएंगी, लेकिन क्या आप इनके टूटे हुए सपनों को वापस जोड़ सकते हैं?"

राहुल गांधी को छात्रों ने क्या-क्या बताया?

गोलीबारी और बर्बरता का आरोप: घायल छात्रों ने बताया कि एक पीड़ित के पैर में और दूसरे के गर्दन के पास गोली लगी है. पैर में गोली लगने वाले छात्र के पैर में सर्जरी के बाद रॉड डाली गई है.

डिफेंस में जाकर देश की सेवा करना चाहता था, टूटे सपने

पीड़ित युवाओं ने राहुल गांधी को बताया कि वे रक्षा बलों (डिफेंस) में जाकर देश की सेवा करना चाहते थे, लेकिन इस घटना और गंभीर चोटों के कारण अब उनका यह सपना अधूरा रह गया है.

पीड़ितों ने बताया, बेहद गरीब परिवारों से आते हैं

पीड़ितों ने बताया कि वे बेहद गरीब परिवारों से आते हैं, जहां माता-पिता मजदूरी करते हैं या परिवार किराए के मकानों में रहकर संघर्ष कर रहा है.

राहुल गांधी ने छात्रों को बेहतर इलाज का दिया आश्वासन

राहुल गांधी ने घायलों को बेहतर इलाज और डॉक्टरी सहायता दिलाने का वादा किया. उन्होंने युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि वे घबराएं नहीं, उनके इलाज और भविष्य के लिए हर संभव मदद की जाएगी.


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

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शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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