राहुल गांधी ने बीजेपी को बताया खून-खराबा करने वाली पार्टी

Rahul Gandhi : देश की राजधानी दिल्ली में होली के दिन हुई एक हिंसक घटना के बड़े टकराव में बदल जाने पर राहुल गांधी ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा और उन्हें नफरत फैलाने वाला बताया है.

Rahul Gandhi : विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बीजेपी पर यह आरोप लगाया है कि वह खून–खराबा चाहती है. राहुल ने कहा कि बीजेपी और उसका पूरा इकोसिस्टम ही यह चाहता है कि देश में हिंसा और नफरत की आग फैलती रहे. उन्होंने बीजेपी पर यह आरोप उत्तम नगर की हिंसक घटनाओं को लेकर लगाया.

उत्तम नगर के लोगों ने हिंसा की कीमत चुकाई

राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट लिखा कि उत्तम नगर के लोगों ने हिंसा की भारी कीमत चुकाई है – एक तरफ एक जवान लड़के की जान चली गई, वहीं दूसरी तरफ एक पूरा परिवार उत्पीड़न का सामना कर रहा है. उन्हें और खून-खराबा नहीं चाहिए. राहुल ने आरोप लगाया कि बीजेपी नफरत के तवे पर हिंसा की रोटी सेंकने में माहिर है और वह ऐसे हर मौके का फायदा उठाती है.

पीएम मोदी समझौता कर रहे हैं, लेकिन सवाल पूछना गुनाह है

राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी सरकार यह चाहती है कि देश हिंदू-मुसलमान में उलझा रहे, ताकि लोग यह न पूछ सकें कि आखिर प्रधानमंत्री देश की रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और सामरिक संप्रभुता को अमेरिका के हवाले करने पर क्यों मजबूर हैं? यही वजह है कि दिन-दहाड़े देश की राजधानी में फिर से दंगों जैसे हालात उत्पन्न किए जा रहे हैं. उन्होंने दिल्लीवासियों से यह अनुरोध किया कि वे किसी के बहकावे में ना आएं और आपसी एकता और भाईचारे को बनाएं रखें. 4 मार्च को होली के दिन उत्तम नगर में एक हिंसक घटना हुई, जिसमें एक छोटे से विवाद से शुरू हुई लड़ाई बड़े टकराव में बदल गई. इस घटना में एक युवक की मौत हो गई, जिसके बाद इलाके में तनाव बढ़ गया और भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा.

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Published by: Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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