मदर्स डे पर राहुल गांधी और प्रियंका ने किया सोशल मीडिया पोस्ट-मां पहली शिक्षक और मित्र

Mother’s Day : कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को मदर्स डे के अवसर पर उनके बच्चों ने बहुत ही प्यारा गिफ्ट दिया है. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी दोनों ने ही मदर्स डे पर सोनिया गांधी के साथ तस्वीरें और वीडियो शेयर किया है और पूरी दुनिया की मांओं के प्रति सम्मान प्रदर्शित किया है.

Mother’s Day : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मदर्स डे के अवसर पर एक सोशल मीडिया पोस्ट किया. इस पोस्ट में राहुल गांधी ने मां को पहली शिक्षक और मित्र बताया. उन्होंने अपने पोस्ट में मां के प्रति सम्मान और प्रेम दोनों प्रदर्शित किया.

सिर पर मां का हाथ होना दुनिया की सबसे बड़ी ताकत

राहुल गांधी ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में लिखा-मां हमारी पहली शिक्षक और हमारी पहली मित्र दोनों होती हैं. मां कोमलता, त्याग, करुणा और प्रेम का प्रतीक होती हैं. सिर पर मां का हाथ रहना दुनिया में सबसे बड़ी ताकत का स्रोत है. राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में अपनी मां सोनिया गांधी को गले लगाते हुए एक तस्वीर भी शेयर किया है. उन्होंने इस मौके पर सभी माताओं के प्रति अपना सम्मान प्रकट किया है.

प्रियंका गांधी ने भी किया पोस्ट

मदर्स डे के मौके पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने संदेश शेयर किया है. उन्होंने लिखा है- मां का प्यार हमारी पहली ताकत है. प्रियंका गांधी ने एक खूबसूरत वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है, जिसमें वो अपनी मां सोनिया गांधी के साथ कई अवसरों पर नजर आ रही हैं. प्रियंका ने अपने बचपन से अबतक के वीडियो और फोटो को इस वीडियो में शेयर किया है.

ये भी पढ़ें : जोसेफ विजय की बहन कीर्तना ने कहा-राजनीति के सुपर स्टार बनेंगे थलापति

तमिलनाडु के सीएम जोसेफ विजय को पीएम मोदी ने दी बधाई, कहा-शानदार कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >