Qutub Minar case: कुतुब मीनार को अपना बताने वाले कुंवर महेंद्रध्वज को कोर्ट से झटका, याचिका खारिज

याचिकाकर्ता कुंवर महेंद्रध्वज प्रताप सिंह ने दावा किया था कि वह संयुक्त प्रांत, आगरा के उत्तराधिकारी हैं और दिल्ली और उसके आसपास के शहरों में, कई संपत्ति के मालिक हैं. उन्होंने कहा कि उनके पास जिन संपत्तियों का स्वामित्व है, उसमें कुतुब मीनार शामिल है.

कुतुब मीनार को अपना बताने वाले याचिकाकर्ता कुंवर महेंद्रध्वज प्रताप सिंह को दिल्ली के साकेत कोर्ट से झटका लगा है. कोर्ट ने कुंवर महेंद्रध्वज प्रताप सिंह द्वारा दायर हस्तक्षेप याचिका को खारिज कर दिया.

कुतुब मीनार के अंदर कथित मंदिर के जीर्णाद्धार की मांग वाली याचिका पर सुनवाई 19 अक्टूबर को

कुतुब मीनार संपत्ति के अंदर कथित मंदिर परिसर में भगवान की प्रतिमाओं की पुनर्स्थापना की मांग वाली याचिका पर साकेत कोर्ट 19 अक्टूबर में सुनवाई होगी.

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कुंवर महेंद्रध्वज प्रताप सिंह ने कुतुब मीनार पर किया था दावा

याचिकाकर्ता कुंवर महेंद्रध्वज प्रताप सिंह ने दावा किया था कि वह संयुक्त प्रांत, आगरा के उत्तराधिकारी हैं और दिल्ली और उसके आसपास के शहरों में, कई संपत्ति के मालिक हैं. उन्होंने कहा कि उनके पास जिन संपत्तियों का स्वामित्व है, उसमें कुतुब मीनार शामिल है.

कुंवर महेंद्रध्वज प्रताप सिंह के वकील ने कोर्ट में दी थी ऐसी दलील

कुंवर महेंद्रध्वज प्रताप सिंह के वकील एम एल शर्मा ने दावा किया कि याचिकाकर्ता 16वीं शताब्दी से इस क्षेत्र पर शासन करने वाले संयुक्त प्रांत, आगरा के तत्कालीन शासक का उत्तराधिकारी है. उन्होंने कहा कि गंगा और यमुना नदियों के बीच के क्षेत्र पर शासक परिवार का स्वामित्व है. शर्मा ने आरोप लगाया था कि सरकार ने इस समूचे क्षेत्र का अतिक्रमण किया है. वकील ने दावा किया था कि बिना किसी विलय, संधि या विलय दस्तावेज अथवा मुआवजे का भुगतान किए बिना सरकार ने हस्तक्षेप याचिका दायर करने वाले की जमीन पर कब्जा कर लिया और उस पर सरकार की ओर से करोड़ों लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है.

एएसआ ने कोर्ट में कहा, सिंह का मामले में कोई अधिकार नहीं

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने इस मामले में कहा था कि सिंह का मामले में कोई अधिकार नहीं था और स्वामित्व का दावा देरी और लापरवाही के सिद्धांत से व्यपगत हो गया है. सिद्धांत कहता है कि अदालतें उन लोगों की मदद नहीं करेंगी जो अपने अधिकारों पर दावा नहीं करते हैं.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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