World University Rankings: अंतरराष्ट्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों की सूची में IIT बॉम्बे को 149वीं रैंक

क्वैक्वेरेली साइमंड्स (क्यूएस) के संस्थापक और सीईओ नुंजियो क्वाक्वेरेली ने आईआईटी-बॉम्बे को बधाई दी. उन्होंने कहा, मैं भारतीय विश्वविद्यालयों को उनके लगातार बेहतर प्रदर्शन के लिए बधाई देना चाहता हूं.

अंतरराष्ट्रीय उच्च संस्थानों की सूची में भारत पहली बार टॉप 150 में शामिल हुआ है. क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2024 में आईआईटी बॉम्बे को 149वां स्थान दिया गया है. एमआईटी ने इस बार भी दुनिया के शीर्ष संस्थानों में अपनी जगह बनाई है. वहीं यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज ने दूसरा स्थान हासिल किया है. तीसरे स्थान पर यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को चौथा स्थान हासिल हुआ है. पांचवें नंबर पर स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी और छठे स्थान पर इंपीरियल कॉलेज ऑफ लंदन है.

आईआईटी-बॉम्बे की रैंकिंग में 23 स्थान का सुधार

आईआईटी-बॉम्बे ने अपनी रैंकिंग में 23 स्थान का सुधार किया है. इससे पहले तारी सूची में आईआईटी-बॉम्बे को 172वां स्थान हासिल हुआ था. जबकि अगर आईआईटी दिल्ली की बात करें, तो उसके रैंकिंग में गिरावट आयी है. आईआईटी दिल्ली को मौजूदा रैंकिंग में 197वें स्थान पर रखा गया है, जबकि इससे पहले 2023 में उसे 174वां स्थान मिला था.

क्यूएस के संस्थापक और सीईओ नुंजियो क्वाक्वेरेली ने आईआईटी-बॉम्बे को बधाई दी

क्वैक्वेरेली साइमंड्स (क्यूएस) के संस्थापक और सीईओ नुंजियो क्वाक्वेरेली ने आईआईटी-बॉम्बे को बधाई दी. उन्होंने कहा, मैं भारतीय विश्वविद्यालयों को उनके लगातार बेहतर प्रदर्शन के लिए बधाई देना चाहता हूं. हमने इस वर्ष की रैंकिंग प्रणाली के लिए 2900 संस्थानों को रेटिंग दी है, और 45 भारतीय विश्वविद्यालय हैं जो रैंकिंग में शामिल हो रहे हैं. यह पिछले नौ वर्षों में 297% की वृद्धि है.

आईआईटी बॉम्बे के निदेशक बोले- हमें अभी भी कई मील का सफर तय करना है

क्वाक्वेरेली साइमंड्स (क्यूएस) वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग सूची में शीर्ष 150 में स्थान पाने पर आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रोफेसर सुभासिस चौधरी ने कहा, हमारा प्रयास एक ऐसा माहौल और बुनियादी ढांचा प्रदान करने में निहित है जो हमारे छात्रों और शिक्षकों द्वारा उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अनुकूल हो. उन्होंने आगे कहा, आईआईटी बॉम्बे को अभी भी कई मील का सफर तय करना है.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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