Puri Stampede : पुरी के श्री गुंडिचा मंदिर के पास हुई भगदड़ में तीन लोगों की मौत और 50 अन्य के घायल होने के एक दिन बाद सोमवार को हजारों श्रद्धालु भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए उमड़ पड़े. एक श्रद्धालु अनीता ने कहा, “हम पिछले दो दिनों से खुद को भाग्यशाली महसूस कर रहे हैं, क्योंकि जब हम पहली बार यहां आए थे, तो भगवान ने हमें रथ पर सवार होकर दर्शन दिए थे. यहां बहुत भीड़ थी, लेकिन उसके बीच भी ऐसा लग रहा था कि वे हमारी रक्षा कर रहे हैं. रविवार सुबह भगदड़ के बाद हमारे परिवार के सदस्य चिंतित थे. हालांकि, हमें यहां कोई अव्यवस्था महसूस नहीं हो रही है. यहां सब कुछ अच्छा है और सभी लोग दयालु हैं. ऐसे सुंदर दृश्य देखकर हम बहुत धन्य हैं.”
एक अन्य श्रद्धालु दीपक रावत ने कहा, “मैं यहां पहली बार आया हूं और भगवान जगन्नाथ ने मुझे रथ खींचने का अद्भुत अवसर दिया है. मैं भगवान जगन्नाथ को धन्यवाद देना चाहता हूं ताकि वह सभी को ऐसे अवसर प्रदान कर सकें और सभी की मनोकामनाएं पूरी कर सकें.”
श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के श्री गुंडिचा मंदिर पहुंचे
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रविवार की घटना के मद्देनजर श्री गुंडिचा मंदिर के सामने अवरोधक लगा दिए गए हैं. मंदिर के अंदर स्थित ‘अडापा मंडप’ (वह मंच जहां देवता बैठते हैं) में देवताओं के सुचारू दर्शन के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गई हैं. अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) स्तर के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी सौमेंद्र प्रियदर्शी ने कहा, ‘‘हम सतर्क हैं… भगवान की कृपा से सब कुछ सुचारू रूप से हो रहा है. श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के श्री गुंडिचा मंदिर में प्रवेश कर रहे हैं.’’
