स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य के खिलाफ POCSO Act के तहत FIR दर्ज, यौन शोषण का है आरोप

Swami Avimukteshwaranand: प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ POCSO Act के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. यह कार्रवाई प्रयागराज के पॉक्सो कोर्ट की ओर से आदेश दिए जाने के बाद की गई है.

Swami Avimukteshwaranand: प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी पर आरोप है कि पिछले एक साल में एक नाबालिग समेत दो व्यक्तियों के यौन शोषण का आरोप है. दोनों के खिलाफ FIR शनिवार देर रात दर्ज की गयी. जगद्‌गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं. अधिकारियों के अनुसार, बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) कानून और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गयी.

आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाया

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद के अलावा दो-तीन अज्ञात लोगों पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है. प्राथमिकी के अनुसार, वादी आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने दावा किया कि हाल में प्रयागराज में संपन्न माघ मेले में धार्मिक कार्यक्रम के दौरान एक नाबालिग लड़के समेत दो लोग आए और उन्होंने गुरुकुल में उनके यौन शोषण के आरोप लगाए. इसमें आरोप लगाया गया है कि ये कृत्य गुरु सेवा की आड़ में और धार्मिक प्रभाव का दुरुपयोग करके किए गए थे.

झूंसी पुलिस मामले की जांच कर रही है

शिकायतकर्ताओं ने दावा किया कि उन्होंने पहले झूंसी पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित जारी दी गई थी, लेकिन कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई, जिसके कारण उन्हें अदालत का रुख करना पड़ा. अदालत के निर्देश के बाद झूंसी पुलिस थाने ने शनिवार देर रात प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी. गिरफ्तारी के संबंध में पुलिस की ओर से तत्काल कोई बयान जारी नहीं किया गया है.

अविमुक्तेश्वरानंद ने माघ मेला के दौरान मेला प्रशासन के खिलाफ खोल दिया था मोर्चा

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद प्रयागराज के माघ मेला 2026 में मेला प्रशासन से टकराव को लेकर सुर्खियों में बने रहे. उन्होंने मेला प्रशासन पर मौनी अमावस्या का स्नान नहीं करने देने का आरोप लगाया था. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अदालत द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश के बाद शनिवार को वाराणसी में कहा था कि उन्हें कोर्ट पर पूरा भरोसा है और वह कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं.

आरोप पर क्या बोले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ?

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पत्रकारों से कहा था, जी हां, यह सही और उचित है. क्योंकि मामला दर्ज होने पर ही आगे की जांच पूरी हो सकती है. तभी हमारे खिलाफ दर्ज झूठे मामले की सच्चाई सामने आएगी और इस कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलेगी. हम अदालत से निवेदन करते हैं कि इस प्रक्रिया में देरी न करें और तेजी से कार्रवाई करें, क्योंकि बहुत से लोग इसे देख रहे हैं.

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By ArbindKumar Mishra

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

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