Puri Rath Yatra Stampede: रथ यात्रा में मची भगदड़ पर पुरी निवासी स्वाधीन कुमार पंडा ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में बड़ा दावा कर दिया है. उन्होंने बताया, रथ यात्रा के दिन भी कई लोगों की मौत हुई, लेकिन सरकार और प्रशासन ने इसका खुलासा नहीं किया और कहा कि कोई हताहत नहीं हुआ.
भगदड़ में तीन लोगों की जान गई, इसके लिए प्रशासन जिम्मेदार
चश्मदीद पुरी निवासी स्वाधीन कुमार पंडा ने कहा, “आज तीन लोगों की मौत हुई है – 2 महिलाएं, एक पुरुष. इसके लिए ओडिशा प्रशासन जिम्मेदार है. रात में वहां कोई पुलिस, प्रशासन नहीं था.”
चश्मदीद ने बताया, कैसे मची भगदड़
चश्मदीद ने बताया, “मैं कल रात 2-3 बजे तक मंदिर के पास ही था, लेकिन प्रबंधन ठीक नहीं था. वीआईपी के लिए नया रास्ता बनाया गया था, और आम लोगों को दूर से ही बाहर निकलने के लिए कहा गया था. लोग प्रवेश द्वार से ही बाहर निकलने लगे, जिससे भीड़ बढ़ गई. यातायात व्यवस्था भी ठीक नहीं थी, क्योंकि कई अनधिकृत पास वाले वाहन मंदिर के पास आ गए. प्रशासन ने भीड़ को ठीक से नियंत्रित नहीं किया. सबसे बड़ी समस्या निकास द्वार की थी.
भगदड़ के बाद DC, SP का तबादला, दो पुलिस अधिकारी निलंबित
ओडिशा के पुरी मंदिर में रविवार को भगदड़ मचने से तीन लोगों की मौत और करीब 50 लोगों के घायल हो जाने के बाद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जिलाधिकारी सिद्धार्थ शंकर स्वैन और पुलिस अधीक्षक विनीत अग्रवाल के तबादले का आदेश दिया. मुख्यमंत्री ने खुर्दा के जिलाधिकारी चंचल राणा को पुरी का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया है. अग्रवाल की जगह पिनाक मिश्रा पुरी के पुलिस अधीक्षक बनाए गए.
