पंजाब पुलिस ने ऐसे घेरकर अमृतपाल सिंह को किया गिरफ्तार, भिंडरावाले के गांव से क्या है कनेक्शन?

पुलिस महानिरीक्षक सुखचैन सिंह गिल ने बताया, अमृतसर पुलिस और पंजाब पुलिस की खुफिया इकाई ने एक संयुक्त अभियान चलाया. पंजाब पुलिस को अमृतपाल सिंह के रोडे गांव में होने का पता चला था. उसे चारों तरफ से घेर लिया गया था, पंजाब पुलिस ने गांव को घेर लिया था.

पंजाब पुलिस ने मोगा जिले के रोडे गांव से खालिस्तानी समर्थक और वारिस पंजाब दे के प्रमुख अमृतपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. एक महीने से अधिक समय से फरार चल रहे अमृतपाल को पुलिस ने रविवार की सुबह करीब छह बजकर 45 मिनट पर रोडे गांव से गिरफ्तार किया. कट्टरपंथी उपदेशक को पकड़ने के लिए पंजाब पुलिस ने इंटेलिजेंस की मदद से बड़ा अभियान चलाया. पंजाब पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेरकर सरेंडर करने के लिए मजबूर कर दिया.

पंजाब पुलिस ने बताया, कैसे गिरफ्त में आया अमृतपाल

पुलिस महानिरीक्षक सुखचैन सिंह गिल ने बताया, अमृतसर पुलिस और पंजाब पुलिस की खुफिया इकाई ने एक संयुक्त अभियान चलाया. पंजाब पुलिस को अमृतपाल सिंह के रोडे गांव में होने का पता चला था. उसे चारों तरफ से घेर लिया गया था, पंजाब पुलिस ने गांव को घेर लिया था. जिससे उसके फरार होने की कोई गुंजाइश नहीं थी. पुलिस महानिरीक्षक ने कहा, (गुरद्वारा की) पवित्रता बनाए रखने के लिए पुलिस गुरुद्वारे में नहीं घुसी और वह जानता था कि अब वह भाग नहीं सकता क्योंकि पंजाब पुलिस ने उसे घेर लिया है.

भिंडरावाले के गांव से अमृतपाल सिंह का खास कनेक्शन

अमृतपाल सिंह का मृतक आतंकवादी जरनैल सिंह भिंडरावाले के गांव रोडे से खास कनेक्शन है. दरअसल अमृतपाल सिंह को इसी गांव में एक कार्यक्रम में ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन का प्रमुख नियुक्त किया गया था.

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सरेंडर करने से पहले अमृतपाल सिंह ने किया प्रवचन

रोडेवाल गुरुद्वारे के ग्रंथि ने बताया, अमृतपाल सिंह शनिवार रात को ही यहां पहुंच गया था. पुलिस ने उसके यहां होने की जानकारी दी. अमृतपाल ने गुरुद्वारे में मत्था टेका और प्रवचन किया. अमृतपाल सिंह का प्रवचन करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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