Pune Murder Case:पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल की संदिग्ध मौत के मामले में रेस्क्यू टीम के सदस्य सुनील गायकवाड़ ने एएनआई न्यूज एजेंसी को बताया कि जब टीम घटनास्थल पर पहुंची तो केतन का शव गंभीर हालत में पड़ा था. उसके सिर पर गहरे घाव थे, खोपड़ी बुरी तरह से कुचला गया था और हाथ-पैरों पर भी कई चोटों के निशान मिले.
पुलिस को सुबह मिली सूचना, शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
सुनील गायकवाड़ ने बताया कि पुलिस स्टेशन को सुबह करीब 10:30 बजे घटना की सूचना मिली. इसके बाद रेस्क्यू टीम तुरंत लोहागढ़ किले के लिए रवाना हुई. दुर्गम पहाड़ी और घने जंगल के बीच शव तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण था. टीम ने करीब दो घंटे तक सर्च अभियान चलाकर शव को सुरक्षित बाहर निकाला.
खड़ी चढ़ाई और जंगल के बीच शव निकालना बना चुनौती
रेस्क्यू टीम के सदस्य सुनील गायकवाड़ ने बताया कि शव को खड़ी ढलान और जंगल के रास्ते बाहर लाने में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा.उबड़ खाबड़ रास्ते की वजह से शव को उठाकर लाना बेहद मुश्किल था. आखिरकार दोपहर 12:30 बजे तक अभियान पूरा हुआ और करीब 1:30 बजे शव को एंबुलेंस के हवाले कर दिया गया.
सिया के व्यवहार ने खड़े किए कई सवाल
रेस्क्यू टीम के सदस्य ने बताया कि शव निकालने के दौरान सिया भी मौके पर मौजूद थी. हालांकि, उन्होंने देखा कि वह अन्य लोगों की तुलना में काफी शांत दिखाई दे रही थी. जहां आसपास मौजूद लोग जोर-जोर से रो रहे थे और भावुक थे, वहीं सिया के चेहरे पर वैसी भावनाएं नजर नहीं आईं. उसके इस व्यवहार ने जांच एजेंसियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है.
भाई के बाद सिया के माता पिता से पूछताछ
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में मुख्य आरोपी सिया गोयल के माता-पिता और भाई साहिल गोयल शनिवार को जांच अधिकारियों के बुलावे पर लोनावला ग्रामीण पुलिस स्टेशन पहुंचे. गोयल परिवार से लगातार दूसरे दिन पूछताछ की गई, जिससे साफ है कि पुलिस अब परिवार के बयानों और डिजिटल सबूतों की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है.
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