मुंबई: मुंबई क्रूज ड्रग्स केस में लंबे अरसे बाद प्रभाकर सेल एनसीबी ऑपरेशन टीम के समक्ष पेश हुआ. प्रभाकर सेल वही शख्स है, जिसने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) मुंबई के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े पर 25 करोड़ रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था. प्रभाकर ने यह कहकर तहलका मचा दिया था कि 3 अक्टूबर को बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को रिहा करने के बदले में समीर वानखेड़े ने 25 करोड़ रुपये की मांग की थी.
प्रभाकर सेल के इस बयान के बाद मुंबई की राजनीति में भी भूचाल आ गया था. महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी गठबंधन सरकार के मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता नवाब मलिक के समीर वानखेड़े पर लगाये गये आरोपों के बीच प्रभाकर ने सबसे बड़ा धमाका किया था. इसके बाद ही समीर वानखेड़े को शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान के मामले की जांच से अलग कर दिया गया था. साथ ही इन आरोपों की जांच के लिए एनसीबी ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया था.
समीर वानखेड़े के खिलाफ अब लगाये गये तमाम आरोपों की एसआईटी जांच चल रही है. दिल्ली से 5 अफसरों की टीम मुंबई आयी थी और समीर वानखेड़े से पूछताछ की. इस टीम ने प्रभाकर सेल को भी जांच में शामिल होने के लिए कहा, लेकिन लंबे अरसे तक प्रभाकर ने एसआईटी से दूरी बनाये रखी. एनसीबी के डिप्टी डायरेक्टर ज्ञानेश्वर सिंह ने मुंबई के पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की और प्रभाकर सेल को एसआईटी के सामने पेश करने का अग्रह किया था. ज्ञानेश्वर सिंह एसआईटी के भी प्रमुख हैं.
उल्लेखनीय है कि 3 अक्टूबर को मुंबई से गोवा जाने वाले क्रूज से शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान समेत 8 लोगों को एनसीबी मुंबई के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने गिरफ्तार किया था. सबसे पहले नवाब मलिक ने शाहरुख के बेटे की गिरफ्तारी पर सवाल खड़े किये थे. उन्होंने कहा था कि शाहरुख खान मुसलमान हैं, इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है. बाद में कहा कि शाहरुख खान से वसूली के लिए समीर वानखेड़े ने उनके बेटे को मोहरा बनाया.
बाद में महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने समीर वानखेड़े की जाति, उनकी शादी और उनके माता-पिता को लेकर भी सवाल खड़े किये. एनसीपी के कद्दावर नेता ने यहां तक कह दिया कि समीर वानखेड़े को नौकरी छोड़नी पड़ेगी. उन्होंने जाति प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़ा करके आरक्षण का लाभ लिया है. हालांकि, नवाब मलिक ने कहीं समीर वानखेड़े के खिलाफ शिकायत नहीं की. बार-बार प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ही एनसीबी के जोनल डायरेक्टर पर सवाल खड़े किये. हालांकि, अब तक यह पता नहीं चल पाया है कि प्रभाकर सेल ने एनसीबी की एसआईटी के सामने कौन-कौन से राज खोले हैं.
Posted By: Mithilesh Jha
