देश में PPE का बढ़ाया जा रहा उत्पादन, PMO ने कोविड-19 को रोकने के प्रयासों की समीक्षा की

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के प्रयासों की समीक्षा की. इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) के उत्पादन को बढ़ाया जा रहा है.

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के प्रयासों की समीक्षा की. इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) के उत्पादन को बढ़ाया जा रहा है. प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने कोविड-19 के कारण उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए गठित अधिकारियों के अधिकार संपन्न समूहों की बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में संक्रमण की जांच के दिशानिर्देशों एवं प्रक्रियाओं के ब्योरे पर समीक्षा की गयी और इस पर संतोष व्यक्त किया गया. इन्हीं दिशानिर्देशों के तहत अब तक 1,45,916 नमूनों की देशभर में जांच की गयी है.

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आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पीपीई के उत्पादन को बढ़ाया जा रहा है और स्वास्थ्य सेवा कर्मियों की क्षमता के अपग्रेड को सुनिश्वित किया जा रहा है. इसके अलावा, गैर-सरकारी संगठनों (NGO) एवं नागरिक समाज कार्यकर्ताओं को भी सक्रिय किया जा रहा है. मिश्रा ने सुझाव दिया कि जिला स्तर पर स्वयंसेवी संस्थाओं (NGO) के साथ समन्वय स्थापित किया जाना चाहिए, ताकि संसाधनों का बेहतर ढंग से उपयोग किया जा सके.

बयान के अनुसार, बैठक में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत आर्थिक राहत पैकेज के जरिये कल्याणकारी कदमों की भी समीक्षा की गयी. मिश्रा ने इस बात पर जोर दिया कि सभी लाभार्थियों को कल्याण योजनाओं का लाभ मिले, इसके लिए आंकड़ों में शुद्धता महत्वपूर्ण है. बता दें कि सरकार ने 29 मार्च को 11 उच्चाधिकार प्राप्त समूहों का गठन किया था, जो स्वास्थ्य आधारभूत ढांचे को बेहतर बनाने और देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने आदि के बारे में सुझाव दें.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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