Power Plant Blast : प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद पूरे प्लांट में दहशत फैल गई थी. पश्चिम बंगाल के रहने वाले अजित दास कर यहां पेंटर का काम कर रहे थे. उन्होंने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि लगा जैसे कोई मिसाइल आकर गिरी हो. दोपहर करीब 2:30 बजे खाना खत्म ही किया था कि अचानक तेज धमाका हुआ और चारों तरफ घना धुआं फैल गया, जिससे अफरा-तफरी मच गई.
अजित दास ने कहा कि धमाका बॉयलर नंबर एक में हुआ, जहां हम काम कर रहे थे. मैं एक अलमारी के अंदर छिपकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहा. जो मजदूर नीचे थे, वे बुरी तरह झुलस गए. उन्होंने बताया कि वहां मौजूद कई मजदूर पेंट का काम कर रहे थे. कई पीड़ितों के परिजन प्लांट के बाहर बैठे थे. वहां मौजूद चित्रसेन पटेल ने बताया कि प्लांट में काम करने वाले उनके पिता की इस घटना में मौत हो गई.
बॉयलर ट्यूब में धमाका हुआ
सक्ती में वेदांता पावर प्लांट हादसे पर एसपी प्रफुल ठाकुर ने बताया कि बॉयलर ट्यूब में धमाका हुआ था. सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई. वहां पहुंचकर सबसे पहले घायलों को पास के रायगढ़ के अस्पतालों में भेजा गया, जबकि कुछ को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल रेफर किया गया. अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 20 लोग अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं. पांच घायलों को एडवांस ट्रीटमेंट के लिए भेजा गया है. शुरुआती जांच में प्लांट के अंदर किसी के फंसे होने की बात सामने नहीं आई है.
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मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान
छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय ने इस हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है. साथ ही बिलासपुर संभाग के कमिश्नर को जांच के आदेश दिए गए हैं. वहीं जिला प्रशासन ने भी पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच शुरू कर दी है. सीएम ने कहा कि दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों के साथ पूरी जिम्मेदारी के साथ खड़ी है.
