Power Plant Blast : प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया- लगा जैसे कोई मिसाइल आकर गिर गई

Power Plant Blast : छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में मंगलवार (14 अप्रैल) को पावर प्लांट के बॉयलर में धमाका होने से आग लग गई. इस हादसे में 14 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 20 लोग घायल हो गए. नीचे पढ़ें प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या बताया.

Power Plant Blast : प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद पूरे प्लांट में दहशत फैल गई थी. पश्चिम बंगाल के रहने वाले अजित दास कर यहां पेंटर का काम कर रहे थे. उन्होंने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि लगा जैसे कोई मिसाइल आकर गिरी हो. दोपहर करीब 2:30 बजे खाना खत्म ही किया था कि अचानक तेज धमाका हुआ और चारों तरफ घना धुआं फैल गया, जिससे अफरा-तफरी मच गई.

अजित दास ने कहा कि धमाका बॉयलर नंबर एक में हुआ, जहां हम काम कर रहे थे. मैं एक अलमारी के अंदर छिपकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहा. जो मजदूर नीचे थे, वे बुरी तरह झुलस गए. उन्होंने बताया कि वहां मौजूद कई मजदूर पेंट का काम कर रहे थे. कई पीड़ितों के परिजन प्लांट के बाहर बैठे थे. वहां मौजूद चित्रसेन पटेल ने बताया कि प्लांट में काम करने वाले उनके पिता की इस घटना में मौत हो गई.

बॉयलर ट्यूब में धमाका हुआ

सक्ती में वेदांता पावर प्लांट हादसे पर एसपी प्रफुल ठाकुर ने बताया कि बॉयलर ट्यूब में धमाका हुआ था. सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई. वहां पहुंचकर सबसे पहले घायलों को पास के रायगढ़ के अस्पतालों में भेजा गया, जबकि कुछ को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल रेफर किया गया. अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 20 लोग अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं. पांच घायलों को एडवांस ट्रीटमेंट के लिए भेजा गया है. शुरुआती जांच में प्लांट के अंदर किसी के फंसे होने की बात सामने नहीं आई है.

यह भी पढ़ें : छत्तीसगढ़ के वेदांता पावर प्लांट में ब्लास्ट, 10 मजदूरों की मौत, बॉयलर फटने से हुआ हादसा

मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान

छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय ने इस हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है. साथ ही बिलासपुर संभाग के कमिश्नर को जांच के आदेश दिए गए हैं. वहीं जिला प्रशासन ने भी पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच शुरू कर दी है. सीएम ने कहा कि दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों के साथ पूरी जिम्मेदारी के साथ खड़ी है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >