RSS के लोग सबसे बड़े डरपोक: पवन खेड़ा के बयान से भड़का सियासी संग्राम, मीडिया के सामने भिड़े BJP-कांग्रेस सांसद

झारखंड छात्र आंदोलन को लेकर BJP और कांग्रेस के सांसद मीडिया के सामने भिड़ गए. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने RSS को डरपोक बताते हुए BJP पर तीखे हमले किए, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमा गया.

झारखंड में जारी छात्र आंदोलन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सदन में अनुपस्थिति को लेकर BJP और कांग्रेस सांसद मीडिया के सामने ही भीड़ गए और एक-दूसरे पर जमकर जुबानी हमला किया. इस दौरान कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भाजपा सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा कि हम अकेले काफी हैं. सब भाग जाएंगे, रुको तो सही. जैसे अमित शाह भाग गए, ना ये भी भाग जाएंगे. उन्होंने कहा कि RSS के लोग सबसे बड़े डरपोक होते हैं.

दोनों दलों के सांसदों के बीच हुई बहस देखते ही देखते तीखी बयानबाजी में बदल गई. मीडिया के कैमरों के सामने नेताओं ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए. इस दौरान संसद परिसर का माहौल काफी गर्म नजर आया और दोनों पक्षों के समर्थक अपने-अपने नेताओं के पक्ष में खड़े दिखाई दिए.

पवन खेड़ा का BJP पर हमला

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने BJP सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा, “हम अकेले काफी हैं. सब भाग जाएंगे, रुको तो सही. जैसे अमित शाह भाग गए, ना ये भी भाग जाएंगे.” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई.

RSS को लेकर भी दिया विवादित बयान

पवन खेड़ा ने आगे कहा कि RSS के लोग डरपोक होते हैं. आप देखते जाइए, हमारी सरकार आने दीजिए, इनकी ईंट से ईंट बजाएंगे. संघ नाम की संस्था खत्म हो जाएगी. ये देश के असली दुश्मन हैं.” उनके बयान के बाद BJP और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान और बढ़ने के आसार हैं.

संसद के बाहर भी जारी सियासी संग्राम

झारखंड के छात्र आंदोलन से शुरू हुआ यह मुद्दा अब संसद परिसर में BJP और कांग्रेस के बीच सीधे टकराव का रूप लेता दिखाई दे रहा है. दोनों दलों के नेताओं के तीखे बयानों के बीच यह मामला आने वाले दिनों में और गरमा सकता है.

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By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

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