'घमंड में डूबी कांग्रेस', गद्दार बयान पर पीएम मोदी का राहुल गांधी पर हमला

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने रवनीत सिहं बिट्टू को गद्दार हमने पर राहुल गांधी को घेरा.

पीएम मोदी ने कहा, कल जो हुआ – कांग्रेस के शातिर दिमाग वाले युवराज ने इस सदन के एक सांसद (केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू) को गद्दार कहा. उनका घमंड चरम पर है. उन्होंने कांग्रेस छोड़ने वाले किसी और को गद्दार नहीं कहा. लेकिन उन्होंने उस सांसद को गद्दार कहा, क्योंकि वह सिख हैं. यह सिखों का अपमान था, गुरुओं का अपमान था. यह सिखों के प्रति उस नफरत का इजहार था जो कांग्रेस में भरी हुई है. वह उस परिवार के सदस्य हैं जिन्होंने देश के लिए खुद को कुर्बान कर दिया. सिर्फ इसलिए कि उन्होंने अपनी राजनीतिक विचारधारा बदल ली, वह गद्दार हो गए? यह कोई छोटी बात नहीं है. देश कैसे बर्दाश्त कर सकता है कि किसी नागरिक को गद्दार कहा जाए?… यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. ऐसे लोग कांग्रेस को डुबो देंगे.

मोहब्बत की दुकान वाले लगा रहे मोदी तेरी कब्र खुदेगी के नारे : मोदी

राज्यसभा में पीएम मोदी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा, वे मोदी तेरी कब्र खुदेगी के नारे के साथ आगे बढ़ रहे हैं. वे इसके सपने देखते हैं और लोकतंत्र की बात करते हैं. वे मोहब्बत की दुकान के साइनबोर्ड लगाते हैं. क्या पब्लिक लाइफ में इतनी नफरत पाली जाती है? उनकी सरकार रिमोट से चलती थी. मेरी सरकार भी रिमोट से चलती है. 140 करोड़ लोग मेरा रिमोट हैं.

नेहरू और इंदिरा ने देश के नागरिकों को समझा समस्या : पीएम मोदी

राज्यसभा में पीएम मोदी ने कहा, बीजेपी-एनडीए का समस्याओं का समाधान ढूंढने का तरीका अलग है; कांग्रेस और हमारे बीच बहुत बड़ा अंतर है. हमारा मानना ​​है कि 140 करोड़ नागरिक चुनौतियों से निपटने में सक्षम हैं. हमें नागरिकों और उनकी काबिलियत पर भरोसा है. यही लोकतंत्र की असली ताकत है. लेकिन कांग्रेस नागरिकों को एक समस्या मानती है… मैं देश के लोगों के लिए नेहरू जी और इंदिरा जी की सोच के बारे में बात करना चाहूंगा. इंदिरा जी एक बार ईरान गई थीं, वह वहां भाषण दे रही थीं. अपने भाषण में उन्होंने नेहरू जी के साथ हुई बातचीत का जिक्र किया. उन्होंने कहा, जब पूछा गया कि उनकी कितनी समस्याएं हैं, तो मेरे पिता ने एक बार जवाब दिया था 350 मिलियन, जो उस समय हमारी आबादी थी. अब आबादी 570 मिलियन है, तो यह मेरी समस्याओं का दायरा है. 35 करोड़ लोग नेहरू जी को एक समस्या लगते थे. क्या ऐसा कोई नेता हो सकता है? पिता को 35 करोड़ लोग समस्या लगे और बेटी को 57 करोड़ लोग समस्या लगे. क्या कोई ऐसा हो सकता है जो अपने ही नागरिकों को समस्या समझे?

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By ArbindKumar Mishra

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

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