Mann Ki Baat,Mann Ki Baat Pm modi speech today : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित किया. इसमें उन्होंने चीन या किसी भी पड़ोसी देश का नाम तो नहीं लिया लेकिन परोक्ष रूप से बड़ा झटका दे दिया. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने खिलौनों और मोबाइल गेम्स के मामले में आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया. पीएम ने खिलौनो के लेकर कहा कि हमें लोकल के लिए वोकल होना है.
उन्होंने भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए देश को लोगों से खिलौना बनाने की अपील की. इतना ही नहीं उन्होंने कुछ देसी मोबाइल ऐप का जिक्र किया. साथ ही उन्होंने कहा कि जितने भी वर्चुअल गेम्स हैं उनकी थीम्स बाहरी हैं. इसलिए मैं देश के युवा टैलंट से कहता हूं कि आप भारत के भी गेम्स बनाइए बता दें देश में सबसे ज्यादा खिलौने चीन से ही आयात होता है. हाल ही में चीन निर्मित 70 से ज्यादा मोबाइल ऐप के केंद्र सरकार ने बैन कर दिया.
भारतीय खिलौने पर खुलकर बोले पीएम मोदी
मन की बात में पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमारे चिंतन का विषय था- खिलौने और विशेषकर भारतीय खिलौने. हमने इस बात पर मंथन किया कि भारत के बच्चों को नए-नए खिलौने कैसे मिलें, भारत, खिलौने बनाना का बहुत बड़ा हब कैसे बने. उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ सुन रहे बच्चों के माता-पिता से क्षमा मांगता हूं, क्योंकि हो सकता है, उन्हें, अब, ये ‘मन की बात’ सुनने के बाद खिलौनों की नयी-नयी मांग सुनने का शायद एक नया काम सामने आ जाएगा.
पीएम ने कहा कि कोरोना के इस कालखंड में देश कई मोर्चों पर एक साथ लड़ रहा है, लेकिन इसके साथ-साथ, कई बार मन में ये भी सवाल आता रहा कि इतने लम्बे समय तक घरों में रहने के कारण, मेरे छोटे-छोटे बाल-मित्रों का समय कैसे बीतता होगा. साथियो, हमारे चिंतन का विषय था- खिलौने और विशेषकर भारतीय खिलौने. हमने इस बात पर मंथन किया कि भारत के बच्चों को नए-नए खिलौने कैसे मिलें, भारत, खिलौनों के प्रोडक्शन का बहुत बड़ा हब कैसे बने.
Also Read: PM Modi Birthday: पीएम मोदी के 70वें जन्मदिन पर बीजेपी ने बनाया खास प्लान, यहां जानें-क्या होगा
पीएम मोदी ने कहा कि अब आप सोचिए कि जिस राष्ट्र के पास इतनी विरासत हो, परम्परा हो, विविधता हो, युवा आबादी हो, क्या खिलौनों के बाजार में उसकी हिस्सेदारी इतनी कम होनी, हमें, अच्छा लगेगा क्या? जी नहीं, ये सुनने के बाद आपको भी अच्छा नहीं लगेगा. हमारे देश में लोकल खिलौनों की बहुत समृद्ध परंपरा रही है. कई प्रतिभाशाली और कुशल कारीगर हैं, जो अच्छे खिलौने बनाने में महारत रखते हैं. भारत के कुछ क्षेत्र टॉय क्लस्टर्स यानी खिलौनों के केंद्र के रूप में भी विकसित हो रहे हैं.
जैसे, कर्नाटक के रामनगरम में चन्नापटना, आन्ध्र प्रदेश के कृष्णा में कोंडापल्ली, तमिलनाडु में तंजौर, असम में धुबरी, उत्तर प्रदेश का वाराणसी- कई ऐसे स्थान हैं, कई नाम गिना सकते हैं. पीएम ने कहा कि खिलौना वो हो जिसकी मौजूदगी में बचपन खिले भी, खिलखिलाए भी. हम ऐसे खिलौने बनाएं, जो पर्यावरण के भी अनुकूल हों. मैं देश के युवा टैलेंट से कहता हूं. आप, भारत में भी गेम्स बनाइये. भारत के भी गेम्स बनाइये. कहा भी जाता है- लेट दी गेम्स बिगेन! तो चलो, खेल शुरू करते हैं !
वो 4 कमाल के ‘देसी’ ऐप्स
पीएम मोदी ने कहा कि आईटी सॉल्यूशन और इनोवेशन के मामले में भारत का दुनिया में मुकाबला नहीं है. उन्होंने कहा कि इस महीने की शुरुआत में देश के युवाओं के सामने, एक ऐप इनोवेशव चैलेंज रखा गया. इसमें हमारे युवाओं ने बढ़-चढ़कर के हिस्सा लिया. करीब 7 हजार इंट्रीजआईं, उसमें भी, करीब-करीब दो तिहाई ऐप्स टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवाओं ने बनाए हैं. ये आत्मनिर्भर भारत के लिए, देश के भविष्य के लिए, बहुत ही शुभ संकेत है. उन्होंने कहा कि काफी जांच-परख के बाद, अलग-अलग कैटेगरी में, लगभग दो दर्जन ऐप्स को अवॉर्ड भी दिए गये हैं. आइए आपको बताते हैं कि पीएम मोदी ने जिन ऐप्स के बारे में बताया वो कौन से हैं, और उनसे आप क्या कर सकते हैं
Step set go
ये एक फिटनेस ऐप है. आप कितना चले, कितनी कैलोरी घटाई, ये सारा हिसाब ये ऐप आपको बताता है. ये ऐप आपको फिट रहने के लिए प्रोत्साहित भी करता है
Kutuki
कुटुकी किड्स लर्निंग ऐप है. ये खास तौर पर छोटे बच्चों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इसमें गानों और कहानियों के जरिए बात-बात में बच्चे गणित, विज्ञान को सीख सकते हैं. इसमें एक्टिविटीज और गेम्स भी हैं.
KOO
ये एक माइक्रोब्लॉगिंग ऐप है, इसमें, हम, अपनी मातृभाषा में टेक्स्ट, वीडियो और ऑडियो के जरिए अपनी बात रख सकते हैं.
Ask सरकार
इस ऐप में चैटबॉक्स के जरिए आप बात कर सकते हैं और किसी भी सरकारी योजना के बारे में सही जानकारी टेक्स्ट, ऑडियो और वीडियो के जरिए हासिल कर सकते हैं
Posted By: Utpal kant
