PM Modi Lok Sabha: मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में कहा कि इस संकट का प्रभाव लंबे समय तक रहेगा. हालांकि उन्होंने कहा कि सरकार इससे निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने नागरिकों से कोरोना महामारी की तरह एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया. पीएम मोदी ने बताया कि इस स्थिति का समाधान कूटनीति और बातचीत से ही संभव है, और भारत तनाव कम करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है. उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में पिछले एक दशक की तैयारियों का भी हवाला देते हुए कहा कि इससे हालात से निपटने में मदद मिल रही है. एक नजर डालते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातों पर.
सरकार की सतर्कता और तैयारी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार संवेदनशील, सतर्क और हर सहायता के लिए तत्पर है. पीएम मोदी ने कहा- इस युद्ध के कारण दुनिया में बने हालात का प्रभाव लंबे समय तक रहने की आशंका है. इसलिए हमें तैयार रहना होगा, हमें एकजुट रहना होगा. हम कोरोना के समय भी एकजुटता से ऐसी चुनौतियों का सामना कर चुके हैं. अब हमें फिर से उसी तरह तैयार रहने की जरूरत है.
व्यावसायिक जहाजों पर हमला अस्वीकार्य
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने इस संघर्ष के समय नागरिकों और परिवहन मार्गों से जुड़े हमलों का विरोध किया है. उन्होंने कहा- होर्मुज में रुकावट और व्यावसायिक जहाजों पर हमला अस्वीकार्य है. भारत इस हालात में युद्ध के माहौल में कूटनीति के जरिए भारतीय जहाजों के निरंतर आवागमन के लिए प्रयासरत है. पीएम मोदी ने कहा- इस युद्ध में किसी के भी जीवन पर संकट मानवता के हित में नहीं है. इसलिए भारत का प्रयास सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधानों के लिए प्रोत्साहित करने का है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा
पाइन गैस और जग वसंत समेत भारतीय जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है. तेल, गैस और उर्वरक की आपूर्ति प्रभावित नहीं होने दी जा रही.
एलपीजी और पेट्रोल-डीजल आपूर्ति
पीएम मोदी ने कहा- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से कच्चे तेल, गैस और उर्वरक से लदे जहाजों के आवागमन में चुनौती के बावजूद सरकार का प्रयास देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति बहुत अधिक प्रभावित नहीं होने देने का है.
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
युद्ध शुरू होने के बाद अब तक लगभग 3.75 लाख भारतीय सुरक्षित रूप से देश लौट चुके हैं. ईरान से ही अभी तक लगभग एक हजार भारतीय सुरक्षित वापस आए हैं. इनमें मेडिकल की पढ़ाई करने वाले 700 से अधिक युवा हैं. पीएम मोदी ने कहा प्रभावित देशों में भारतीय मिशन लगातार मदद कर रहे हैं.
कच्चे तेल और ऊर्जा भंडार
पीएम मोदी ने कहा पिछले दशक में कच्चे तेल के भंडारण पर काम हुआ है. वर्तमान में भारत के पास 53 लाख मीट्रिक टन तेल का रणनीतिक भंडार है. वहीं 65 लाख टन से अधिक भंडारण पर काम किया जा रहा है. पीएम मोदी ने कहा- सरकार का प्रयास यह है कि जहां से संभव हो, वहां से तेल और गैस की आपूर्ति होती रहे. हम अपने सभी वैश्विक सहयोगियों के साथ निरंतर संवाद कर रहे हैं ताकि हमारे समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें.
आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता
खाद, यूरिया और अन्य कृषि उत्पादन पर्याप्त हैं. किसानों को समर्थन जारी रहेगा और खरीफ फसल की सही बुवाई सुनिश्चित की जा रही है. पीएम मोदी ने कहा- आज देश में किसानों ने अन्न भंडार भर रखे हैं. हमारे पास पर्याप्त खाद्यान्न हैं.
विद्युत और नवीकरणीय ऊर्जा
रेलवे विद्युतीकरण, मेट्रो नेटवर्क, इलेक्ट्रिक बसें और अक्षय ऊर्जा उत्पादन (250 गीगावाट) से देश की ऊर्जा जरूरतों में कमी और स्थिरता आई है. पीएम मोदी ने कहा कि आज रेलवे का इतने बड़े स्तर पर विद्युतीकरण नहीं होता तो हर साल 180 करोड़ लीटर डीजल अतिरिक्त लगता. उन्होंने कहा कि देश में मेट्रो का 1100 किलोमीटर नेटवर्क, राज्यों को केंद्र द्वारा 15,000 इलेक्ट्रिक बसें दिए जाने समेत वैकल्पिक ईंधन पर हो रहे कार्यों से भारत का भविष्य और सुरक्षित होगा.
सुरक्षा तैयारियां
पीएम मोदी ने कहा कि तटीय सुरक्षा, सीमा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और रणनीतिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है. राज्य सरकारों से कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आह्वान किया गया है. पीएम मोदी ने कहा- देश की सभी राज्य सरकारें और नागरिक जब मिलकर चलेंगे तो हम हर चुनौती को चुनौती दे सकते हैं.
साझा प्रयास से सामना
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार, उद्योग और नागरिक मिलकर इस संकट का सामना करेंगे. कूटनीति, संयम और एकजुटता से हर चुनौती का समाधान संभव है.
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