Patanjali Advertisement Case: पतंजलि आयुर्वेद को जारी अवमानना नोटिस पर आदेश सुप्रीम कोर्ट ने रखा सुरक्षित

Patanjali Advertisement Case: भ्रामक विज्ञापन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने योगगुरु रामदेव, उनके सहयोगी बालकृष्ण तथा पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को जारी अवमानना नोटिस पर आदेश सुरक्षित रख लिया है.

Patanjali Advertisement Case: पतंजलि के भ्रामक विज्ञापन मामले में सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई. सुनवाई करते हुए कोर्ट ने योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को मामले में व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट कोर्ट ने दी. जहां कोर्ट ने रामदेव, बालकृष्ण और अन्य के खिलाफ अवमानना याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. वहीं आईएमए अध्यक्ष आर वी अशोकन ने सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ दिए गए बयानों के लिए उससे बिना शर्त माफी मांगी.

मामले की सुनवाई के दौरान क्या हुआ सुप्रीम कोर्ट में

  • भ्रामक विज्ञापन मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आईएमए अध्यक्ष से कहा कि आप आराम से बैठकर मीडिया को इंटरव्यू देकर, कोर्ट की निंदा करते नहीं रह सकते है.
  • सुप्रीम कोर्ट ने आईएमए के वकील से कहा कि हम इस स्तर पर आईएमए अध्यक्ष के माफीनामा को स्वीकार करने के इच्छुक नहीं हैं.
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  • आपको बता दें कि शीर्ष अदालत ने सात मई को मामले में सुनवाई करते हुए अशोकन के बयानों को ‘अत्यंत अस्वीकार्य’ करार दिया था.

रामदेव के साथ आचार्य बालकृष्ण पहुंचे कोर्ट

इससे पहले पतंजलि के भ्रामक विज्ञापन मामले में सुप्रीम कोर्ट में पेश होने के लिए बाबा रामदेव के साथ आचार्य बालकृष्ण भी पहुंचे थे जिसका वीडियो न्यूज एजेंसी एएनआई ने जारी किया.

पीठ ने संज्ञान लिया

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने इस बात का संज्ञान लिया कि पतंजलि की ओर से पैरवी कर रहे वकील ने कंपनी के 3 उत्पादों के विज्ञापन वापस लेने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देने वाला हलफनामा दाखिल करने के लिए वक्त मांगा है. इन तीन उत्पादों का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है. पीठ ने कहा कि तीन सप्ताह के अंदर हलफनामा दायर करने का काम किया जाए.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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