Parliament: विपक्ष के हंगामे के कारण चौथे दिन भी सदन में नहीं हुआ कामकाज

संसद के मॉनसून सत्र में चौथे दिन भी बिहार में एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों की ओर से राज्यसभा और लोकसभा में हंगामा किया गया. विपक्ष के हंगामे के कारण दोनों सदन की कार्यवाही को शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया.

Parliament: बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण(एसआईआर) को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है. बिहार से लेकर दिल्ली तक इस मुद्दे को लेकर विपक्ष की ओर से हंगामा किया जा रहा है. संसद के मॉनसून सत्र में चौथे दिन भी बिहार में एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों की ओर से राज्यसभा और लोकसभा में हंगामा किया गया. विपक्ष के हंगामे के कारण दोनों सदन की कार्यवाही को शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया. 

संसद की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसद वेल में पहुंचकर एसआईआर पर चर्चा कराने की मांग को लेकर हंगामा करने लगे. लोकसभा अध्यक्ष के बार-बार अपील करने के बाद भी विपक्षी सांसद अपनी सीट पर नहीं गए और वेल में एसआईआर को लेकर तख्तियां लहराते रहे. विपक्ष के हंगामे को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया.

राज्यसभा में भी विपक्षी दल के सांसद वेल में आकर हंगामा करते रहे और हंगामे को देखते हुए सदन की कार्यवाही को पहले 12 बजे  फिर दो बजे और बाद में दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया. संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी सांसदों ने बिहार में एसआईआर के खिलाफ सदन के बाहर गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में कांग्रेस, राजद, सपा सहित अन्य विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए. विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग को लोकतंत्र बचाए रखने के लिए तत्काल एसआईआर की प्रक्रिया पर रोक लगाना चाहिए. यह प्रक्रिया लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ है. इसका मकसद बिहार के गरीब, दलित और वंचित तबके को मताधिकार से वंचित करना है.

सांसदों के व्यवहार से नाराज हुए लोकसभा अध्यक्ष

संसद के मॉनसून सत्र में विपक्षी सांसदों के हंगामे को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला नाराज हो गए. बिरला ने कांग्रेस सांसदों को फटकार लगाते हुए कहा कि देश की नयी पीढ़ी विपक्षी सांसदों के व्यवहार को देख रही है. सांसदों के व्यवहार से युवाओं में गलत संदेश जा रहा है. 

गुरुवार को विपक्षी सांसदों से अपील करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रश्नकाल में बहुत अहम मुद्दे उठाए जाते है. यह जनता के हित से जुड़ा हुआ है और विपक्ष को प्रश्नकाल जनहित में चलने देना चाहिए. क्योंकि कई सांसदों का कहना है कि प्रश्नकाल में सवाल बड़ी मुश्किल से आता है. लेकिन विपक्षी सांसदों का व्यवहार संसद के गरिमा के खिलाफ है. भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और विपक्षी सदस्यों को लोकतंत्र की गरिमा का ख्याल रखना चाहिए. 

लोकसभा अध्यक्ष ने सांसदों की ओर मुखातिब होते हुए कहा, चुनाव में लाखों लोगों ने आपको चुनकर भेजा है, सांसदों को यह ध्यान रखना चाहिए कि लोगों ने सांसदों को सदन के अंदर तख्तियां लेकर हंगामा करने के लिए नहीं भेजा है. वहीं राज्यसभा में भी विपक्षी सांसदों की ओर से अपील करने के बाद भी हंगामा जारी रहा और सदन की कार्यवाही को दिन भर के लिए स्थगित करना पड़ा. 

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Published by: Anjani kumar singh

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