Parliament Budget Session 2026: लोकसभा में बजट सत्र के दौरान मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे की किताब का हवाला देते हुए चीन के साथ सैन्य टकराव का मुद्दा उठाने की कोशिश की. इसके बाद सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक शुरु हो गई, काफी हंगामा होने लगा. इसी दौरान विपक्ष के सदस्य वेणु गोपाल ने ‘यार’ शब्द का इस्तेमाल किया, जिस पर पीठासीन सभापति तेन्नेटी ने कड़ी आपत्ति जताई.
उप सभापति ने लगाई फटकार
बयान पर आपत्ति जताते हुए पीठासीन अध्यक्ष ने कहा कि यह संसद है, कोई निजी बातचीत की जगह नहीं. उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि अध्यक्ष को ‘यार’ जैसे शब्दों से संबोधित करना पूरी तरह गलत है और इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती. उन्होंने साफ शब्दों में कहा ‘आप चेयर को यार नहीं कह सकते हैं.’
सांसदों के निलंबन पर गरमाया सदन
लोकसभा में पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण से जुड़े विषय पर दो दिनों से लोकसभा में गतिरोध जारी है. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार हंगामा हो रहा है. इसी दौरान सदन में कागज उछालने की घटना ने नया मोर्चा खोल दिया है. आसन के समीप कागज उछालने के मामले में आठ विपक्षी सांसदों को मौजूदा बजट सत्र की बची हुई अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है. कांग्रेस के सात सदस्यों और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक सांसद को सदन से निलंबित किया गया. इस निलंबन के खिलाफ राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने सदन के बाहर प्रदर्शन किया.
सदन कल 11 बजे तक के लिए स्थगित
सदन में गतिरोध के बीच नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण का हवाला देकर चीन का विषय उठाने की कोशिश की, लेकिन आसन से इसकी अनुमति नहीं मिली. हालांकि इस बीच राहुल गांधी ने इस लेख को सत्यापित किया और सदन के पटल पर रखा. हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित होने के बाद इसे बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.
राहुल गांधी ने लिखा ओम बिरला को पत्र
इधर, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर उन पर सरकार के इशारे पर खुद को सदन में बोलने से रोकने का आरोप लगाया. राहुल गांधी ने कहा कि यह लोकतंत्र पर काला धब्बा है. उन्होंने यह भी कहा कि नेता प्रतिपक्ष और प्रत्येक सदस्य का बोलने का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था का अभिन्न अंग है, लेकिन इन बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकारों को दरकिनार किए जाने के कारण एक अजीब स्थिति पैदा हो गई है. राहुल गांधी ने कहा कि यह हमारे लोकतंत्र पर एक काला धब्बा है, जिसके विरुद्ध मैं अपना कड़ा विरोध दर्ज कराता हूं. (इनपुट भाषा)
