मल्लिकार्जुन खरगे का दावा-कांग्रेस को सत्ता और पीएम पद का लोभ नहीं, जनता के लिए विपक्ष आपसी मतभेद भुला देगा

विपक्ष के महाजुटान में मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि महागठबंधन के दलों के बीच मतभेद इतने बड़े नहीं हैं कि हम आम आदमी, मध्यम वर्ग, युवाओं, गरीबों, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के हित के लिए इन्हें किनारे नहीं रख सकते.

Opposition Meeting : लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी को सत्ता से बाहर करने के लिए बेंगलुरू में मंथन कर रहीं विपक्षी पार्टियां एक काॅमन मिनिमम प्रोग्राम पर सहमत हो सकती है. इस बात के संकेत कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मीटिंग के दौरान दिये हैं. सूत्रों के हवाले से प्राप्त जानकारी के अनुसार उन्होंने बैठक के दौरान यह माना कि महाजुटान में शामिल पार्टियों में राज्य स्तर पर कुछ मतभेद हैं. उन्होंने कहा कि हममें से कुछ लोगों के बीच मतभेद हैं, लेकिन ये मतभेद वैचारिक नहीं हैं.

विपक्षी दलों में मतभेद

विपक्ष के महाजुटान में मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि महागठबंधन के दलों के बीच ये मतभेद इतने बड़े नहीं हैं कि हम आम आदमी, मध्यम वर्ग, युवाओं, गरीबों, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के हित के लिए इन्हें किनारे नहीं रख सकते. जबकि हम सब इस बात के वाकिफ है कि इनके अधिकारों को हनन हो रहा है और उनकी स्थिति में लगातार गिरावट आ रही है.

26 पार्टियां बैठक में शामिल

बेंगलुरु में विपक्ष की बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि इस दो दिवसीय बैठक में हम यहां 26 पार्टियां एकजुट हुए हैं. हम सब की कुल 11 राज्यों में सरकार में है. बीजेपी को अकेले 303 सीटें नहीं मिलीं. उसने अपने सहयोगियों के वोटों का इस्तेमाल किया और सत्ता में आते ही उन्हें धोखा दे दिया. लेकिन अब जबकि चुनाव नजदीक आ गया है तो बीजेपी अध्यक्ष और उनके नेता अपने पुराने सहयोगियों से समझौता करने के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य भाग-दौड़ कर रहे हैं और बैठक में इन दलों को बुला रहे हैं.

सरकारी एजेंसी का हो रहा दुरुपयोग

सरकार पर हमला बोलते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि आज हर सरकारी एजेंसी का इस्तेमाल विपक्ष के खिलाफ हथियार बनाकर किया जा रहा है. सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग का दुरुपयोग किया जा रहा है. हमारे नेताओं पर झूठे आपराधिक मामले दर्ज कराये जा रहे हैं. हमारे सांसदों को निलंबित किया जा रहा है, ताकि उनके खिलाफ आवाज बुलंद ना हो. राज्यों में सरकार बनाने के लिए विधायकों को खरीदने की बात आम हो गयी है. भाजपा की सरकार और उनके नेता हॉर्स ट्रेडिंग में माहिर हैं.

कांग्रेस पार्टी को सत्ता का मोह नहीं

विपक्ष की बैठक को संबोधित करते हुए कां ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि मैंने एमके स्टालिन के जन्मदिन पर चेन्नई में कहा था कि कांग्रेस को सत्ता या प्रधानमंत्री पद का कोई लोभ नहीं है. कांग्रेस पार्टी बस देश को बचाने के लिए विपक्ष को एकजुट करना चाहती है. हमारी लड़ाई संविधान, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए है. ज्ञात हो कि विपक्ष के इस महाजुटान का हिस्सा बनने के लिए कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी भी बैठक में शिरकत कर ही हैं.

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महागठबंधन में शामिल पार्टियां

महागठबंधन की बैठक को लेकर विपक्ष बहुत ही उत्साहित है और कह रहा है कि इस बार की बैठक में बीजेपी को सत्ताच्युत करने का पूरा रोडमैप तैयार हो जायेगा. यहां तक कि नेतृत्व को लेकर भी सत्तापक्ष की ओर से जो सवाल किये जा रहे हैं उनके जवाब में महागठबंधन कर रहा है कि वो कोई मसला ही नहीं है और ना ही विवाद. इन हालात में मल्लिकार्जुन खरगे का यह बयान बहुत ही खास है क्योंकि सत्ता पक्ष लगातार इस बात को लेकर हमलावर रहा है कि विपक्ष में एकजुटता नहींं है और वे पीएम पद को लेकर सहमति नहीं बना पायेंगे.

पीएम मोदी ने किया तीखा हमला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि बेंगलुरु में जुटे ये लोग एक चेहरे पर कई चेहरे लगाये हुए हैं. पीएम मोदी ने कहा कि कुछ दलों की स्वार्थ भरी राजनीति के कारण विकास का लाभ देश के दूर-दराज वाले इलाकों तक पहुंचा ही नहीं. जनता को इनसे सतर्क रहने की जरूरत है. जिस परिवार के सभी लोग जमानत पर हों, उनके बारे में क्या कहा जा सकता है. ये लोग लोकतंत्र को बंधक बनाकर रखना चाहते थे. इनके लिए परिवार सबसे ऊपर है. ना खाता ना बही, जो परिवार कहे सब सही. इसलिए जनता को इनका असली चेहरा पहचानने की जरूरत है. इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि जब जनता इन पार्टियों का चेहरा देखती है, तो उन्हें सिर्फ भ्रष्टचार की याद आती है, यही वजह है कि लोकसभा चुनाव 2024 में जनता भाजपा को जिताने का फैसला कर चुकी है. पीएम मोदी ने कहा कि बेंगलुरु में विपक्ष की एकता का नाटक हो रहा है दरअसल ये लोग सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए एकसाथ आये हैं.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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