Operation Sindoor: शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य और बीजेपी के राज्यसभा सांसद, वरिष्ठ अधिवक्ता मनन कुमार मिश्रा भारत लौटने के बाद कहा, “हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह अवसर देने के लिए धन्यवाद देते हैं. हमने अपने प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य पूरी तरह से हासिल कर लिया है. आप यकीन नहीं करेंगे कि इस्लामी देश यूएई ने भारत के प्रति कितनी एकजुटता दिखाई है. दो संसदों (सिएरा लियोन और लाइबेरिया) में पहलगाम हमले में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए मौन रखा गया. लाइबेरिया में हमारे प्रतिनिधिमंडल को उच्च सदन, सीनेट में सांसदों को संबोधित करने का मौका मिला. हम यह संदेश देने में सफल रहे कि पाकिस्तान एक आतंकवादी देश है. यह आतंकवादियों का प्रजनन स्थल है, जो भारत और बाकी दुनिया में आतंकवादियों को भेजता है.”
श्रीकांत शिंदे की टीम में कौन-कौन थे शामिल
श्रीकांत शिंदे, भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज, मनन मिश्रा और अतुल गर्ग, बीजद सांसद सस्मित पात्रा, आईयूएमएल सांसद ईटी मोहम्मद बशीर, पूर्व केंद्रीय मंत्री एसएस अहलूवालिया और पूर्व राजनयिक सुजान चिनॉय.
भारत लौटने के बाद क्या बोले ईटी मोहम्मद बशीर
भारत लौटने के बाद शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य आईयूएमएल सांसद ईटी मोहम्मद बशीर ने कहा, “मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि हमें जो काम दिया गया था, वह शानदार तरीके से पूरा हुआ और हम इससे पूरी तरह संतुष्ट हैं. हम जहां भी गए, हमने पाकिस्तान को बेनकाब किया और आतंकवाद के खिलाफ भारत की एकता को प्रदर्शित किया. हमारे प्रतिनिधिमंडल के नेता श्रीकांत शिंदे बहुत ही सौहार्दपूर्ण थे, उन्होंने पूरे काम का समन्वय किया और अच्छा प्रदर्शन किया. हमें लगता है कि हमने अपना काम शानदार तरीके से किया. प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य पूरा हुआ.”
भारत लौटने के बाद क्या बोले शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे
भारत लौटने के बाद शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हम पर भरोसा करने और हमारे प्रतिनिधिमंडल को यूएई, लाइबेरिया, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और सिएरा लियोन भेजने के लिए धन्यवाद देता हूं. हमें हर देश से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है. सिएरा लियोन और लाइबेरिया में आतंकवाद और 22 अप्रैल को भारत पर हुए आतंकी हमले के खिलाफ मौन रखा गया. हमारे प्रतिनिधिमंडल ने सफलतापूर्वक ‘आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस’ का संदेश दिया.”
