ऑपरेशन सिंदूर : भारत ने S-400 से 314 किमी दूर उड़ाया पाकिस्तानी विमान, रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में खुलासा

भारतीय वायुसेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान 314 किलोमीटर दूर दुश्मन के इलाके में एक पाकिस्तानी विमान को मार गिराया. रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट ने इस ऐतिहासिक सैन्य कार्रवाई का खुलासा किया है.

ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय वायुसेना के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने सीमा पार दुश्मन के इलाके में 314 किलोमीटर की दूरी पर पाकिस्तानी वायुसेना के एक 'स्पेशल-मिशन' विमान को मार गिराया था. रक्षा मंत्रालय की वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट में इस ऐतिहासिक सैन्य कार्रवाई का आधिकारिक खुलासा किया गया है. इसे सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (SAM) प्रणाली द्वारा की गई अब तक की सबसे लंबी और सटीक स्ट्राइक में से एक माना जा रहा है.

पाकिस्तान का तोड़ा भ्रम, घर में घुसकर विमान को किया तबाह

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारतीय रडारों ने चुपचाप पाकिस्तानी खतरे को ट्रैक किया और लंबी दूरी की मिसाइल ने अपने अधिकतम निशाना क्षेत्र पर जाकर दुश्मन के विमान को तबाह कर दिया. इस कार्रवाई ने पाकिस्तान के उस भ्रम को तोड़ दिया कि दूरी उन्हें भारतीय मिसाइलों से सुरक्षित रख सकती है.

स्वदेशी सिस्टम IACCS का कमाल

चार दिनों तक चले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने स्वदेशी 'इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम' (IACCS) के जरिए सैन्य और नागरिक निगरानी प्रणालियों को जोड़कर एयर डिफेंस का संचालन किया.

पाकिस्तानी एयरबेस पर सटीक हमले

भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के चकलाला, रहीम यार खान, सुक्कुर, मुरीद, सरगोधा, जैकोबाबाद और भोलारी स्थित सैन्य ढांचों, रडार और कमांड सेंटरों को निशाना बनाया.

भारतीय सेना ने नागरिक विमानों की सुरक्षा का ध्यान

रिपोर्ट में बताया गया कि पाकिस्तान ने सैन्य संघर्ष के दौरान भी अपना सिविल एयरस्पेस खुला रखा था, जबकि भारत ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा और किसी भी असैन्य विमान को नुकसान नहीं पहुंचने दिया.

219 वायु योद्धाओं को राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार

इस ऑपरेशन के सफल संचालन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद आदमपुर एयरफोर्स स्टेशन जाकर वायु सैनिकों की सराहना की थी. ऑपरेशन में उत्कृष्ट योगदान के लिए भारतीय वायुसेना के कर्मियों को 219 राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार प्रदान किए गए हैं.


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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