Operation Sindoor: भारत ने 300 KM दूर से पाक के एयरक्राफ्ट और 5 फाइटर जेट मार गिराए, सेना ने पेश किए पुख्ता सबूत

Operation Sindoor: वायुसेना प्रमुख ने बताया कि हवाई अड्डे और उसके मुख्य भवन पर हमला किया गया, जिसका कभी-कभी सिविल टर्मिनल के रूप में भी उपयोग होता था. सुकूर एयरबेस पर यूएबी हैंगर और रडार स्थल को भी निशाना बनाया गया.

Operation Sindoor: एयर चीफ मार्शल ने ऑपरेशन सिंदूर में भारत के हमले से पाकिस्तान को हुए नुकसान का पुष्ता सबूत भी दिया. उन्होंने कहा, “ हमारे पास कम से कम पांच लड़ाकू विमानों के मारे जाने की पुष्ट जानकारी है और एक बड़ा विमान है, जो या तो विमान हो सकता है या फिर एडब्ल्यूसी (एयरबोर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम), जिसे लगभग 300 किलोमीटर की दूरी से निशाना बनाया गया.” सिंह ने कहा, “ यह वास्तव में सतह से हवा में मार गिराने का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है, जो हमने हासिल किया है.”

यूएबी हैंगर और रडार स्थल पर हमला किया : वायुसेना प्रमुख

वायुसेना प्रमुख ने कहा, ” हवाई अड्डे पर हमला किया गया और मुख्य भवन पर भी हमला किया गया, जहां योजनाएं बनती हैं, और इसका इस्तेमाल कभी-कभी सिविल टर्मिनल भवन के रूप में भी किया जाता था. जहां तक सुकूर एयरबेस का सवाल है, हमने यूएबी हैंगर और रडार स्थल पर हमला किया.”

सेना ने मुरीदके-लश्कर मुख्यालय पर हमले के पहले और बाद की तस्वीरें दिखाया

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मुरीदके-लश्कर मुख्यालय पर हमले के पहले और बाद की तस्वीरें दिखाते हुए, वायुसेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह कहते हैं, “… यह उनके वरिष्ठ नेतृत्व का आवासीय क्षेत्र है. यह उनका कार्यालय भवन था जहां वे बैठकें करने के लिए इकट्ठा होते थे. हम हथियारों से वीडियो प्राप्त कर सकते थे क्योंकि स्थान सीमा के भीतर था…”

एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने गेम चेंजर साबित हुआ

ऑपरेशन सिंदूर पर बोलते हुए, वायुसेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा, “…हमारी वायु रक्षा प्रणालियों ने शानदार काम किया है. एस-400 प्रणाली, जिसे हमने हाल ही में खरीदा था, एक गेम-चेंजर रही है. उस प्रणाली की रेंज ने वास्तव में उनके विमानों को उनके हथियारों से दूर रखा है, जैसे कि उनके पास जो लंबी दूरी के ग्लाइड बम हैं, वे उनमें से किसी का भी उपयोग नहीं कर पाए हैं क्योंकि वे प्रणाली को भेदने में सक्षम नहीं हैं.”

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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