ओडिशा ट्रेन एक्सीडेंट: इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम में किसने की छेड़छाड़? CBI जांच में सब आएगा सामने

ओडिशा ट्रेन एक्सीडेंट मामले में सीबीआइ ओडिशा पुलिस द्वारा तीन जून को दर्ज बालासोर जीआरपी केस नंबर-64 को अपने हाथ में लेगी. जानें CBI जांच को लेकर क्या है ताजा अपडेट

Odisha Train Accident Updates : ओडिशा के बालासोर में हुए रेल हादसे की जांच केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने शुरू कर दी है. CBI की 10 सदस्यों की टीम ने सोमवार को बालासोर में पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया. जानकारी के अनुसार जांच एजेंसी ने कुछ लोगों से पूछताछ भी की है. पूर्व मध्य रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक रिंकेश रॉय ने कहा कि CBI टीम बालासोर में दुर्घटनास्थल पर पहुंच गयी है. वहां टीम लोगों से पूछताछ कर रही है.

रिंकेश रॉय ने बताया कि लगभग 1100 लोग बालासोर रेल दुर्घटना में घायल हुए थे, जिनमें से लगभग 900 लोगों को उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया. लगभग 200 लोगों का उपचार राज्य के विभिन्न अस्पतालों में किया जा रहा है. दुर्घटना में मरने वाले 278 लोगों में से 101 शवों की पहचान अभी नहीं हो पायी है. आपको बता दें कि रेल हादसे के पीछे की वजह इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम को बताया जा रहा है. अब CBI जांच के बाद सामने आ पाएगा कि हादसे के पीछे की असली वजह आखिर है क्या ?

किन धाराओं में है केस दर्ज

इससे पहले खबर आयी थी कि सीबीआइ ओडिशा पुलिस द्वारा तीन जून को दर्ज बालासोर जीआरपी केस नंबर-64 को अपने हाथ में लेगी. इसे आइपीसी की धारा 337, 338, 304ए (लापरवाही से मौत), 34 (सामान्य मंशा) और धारा 153 (रेलवे यात्रियों के जीवन को खतरे में डालने वाली गैरकानूनी व लापरवाही भरी कार्रवाई) और रेलवे अधिनियम 154 व 175 (जीवन को खतरे में डालना) के तहत दर्ज किया गया था.


रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों की आवाजाही फिर से शुरू

इधर, ओडिशा में रेल दुर्घटना के चार दिन बाद सोमवार को बालासोर में रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों की आवाजाही फिर से शुरू हो गयी. पटरियों की मरम्मत के बाद यात्री ट्रेन हावड़ा-पुरी वंदे भारत एक्सप्रेस इस मार्ग से गुजरी. वंदे भारत एक्सप्रेस ने सुबह करीब साढ़े नौ बजे बाहानगा बाजार स्टेशन को पार किया. इस दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद थे. बाद में भुवनेश्वर-नयी दिल्ली संपर्क क्रांति एक्सप्रेस भी यहां से गुजरी. इस बीच, रेलवे सुरक्षा आयुक्त (दक्षिण-पूर्वी मंडल) शैलेश कुमार पाठक ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है. उन्होंने घायल दोनों ट्रेन चालकों के बयान भी दर्ज किये.

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सिग्नलिंग उपकरण के कक्ष में डबल लॉकिंग व्यवस्था सुनिश्चित करें

रेलवे ने जोनल मुख्यालयों को निर्देश दिया है कि स्टेशन रिले रूम व सिग्नलिंग उपकरण के कक्ष में डबल लॉकिंग व्यवस्था होनी चाहिए. सभी जोन के महाप्रबंधकों को इस संबंध में रेलवे बोर्ड ने पत्र लिखा है. बोर्ड ने निर्देश दिया है कि स्टेशन की सीमा के भीतर सिग्नलिंग उपकरण की सभी गुमटी पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए. सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इन रिले रूम के दरवाजे खोलने या बंद करने के लिए डेटा लॉगिंग व एसएमएस अलर्ट उत्पन्न हो रहा है.

भाषा इनपुट के साथ

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Published by: Amitabh kumar

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