New Year 2026 से पहले नोएडा में हाई अलर्ट, होटल-क्लब को लेना होगा प्रशासन की मंजूरी
NCR Residents Christmas New Year Parties Permission: नए साल से पहले नोएडा में हाई अलर्ट जारी किया गया है. क्रिसमस और न्यू ईयर पार्टी के लिए होटल-क्लब को प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य होगा. इसको लेकर प्रशासन सख्त है.
NCR Residents Christmas New Year Parties Permission: गौतम बुद्ध नगर (नोएडा–ग्रेटर नोएडा) जिले में क्रिसमस और नए साल के आयोजनों को लेकर जिला प्रशासन ने कड़े निर्देश जारी किए हैं. जिलाधिकारी मेधा रूपम ने स्पष्ट किया है कि 25 दिसंबर 2025 (क्रिसमस) और 31 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 (न्यू ईयर) के दौरान होने वाली किसी भी पार्टी, सार्वजनिक कार्यक्रम या मनोरंजन गतिविधि के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा. बिना अनुमति आयोजन करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त
डीएम मेधा रूपम ने बताया कि बड़े आयोजनों में भारी भीड़ जुटती है, जिससे आग लगने, भगदड़, अव्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है. पिछले वर्षों के अनुभव और भीड़ प्रबंधन की चुनौतियों को देखते हुए यह सख्ती की गई है. नोएडा जैसे शहरी क्षेत्र में होटल, पब, रेस्टोरेंट, क्लब, बैंक्वेट हॉल, पार्क और खुले मैदानों में होने वाले आयोजनों पर विशेष निगरानी रहेगी.
अनुमति कैसे मिलेगी?
आयोजकों को उत्तर प्रदेश सरकार के ‘निवेश मित्र’ पोर्टल या संबंधित विभागों के माध्यम से आवेदन करना होगा. आवेदन में निम्नलिखित अनुमतियां/एनओसी शामिल करना जरूरी होगा:
- फायर सेफ्टी
- इलेक्ट्रिकल सेफ्टी
- पुलिस क्लियरेंस
- अन्य आवश्यक एनओसी
यदि कार्यक्रम में शराब परोसी जाएगी, तो आबकारी विभाग से अलग अनुमति लेनी होगी। आवेदन कम से कम 30 दिन पहले करना अनिवार्य है, ताकि प्रशासन स्थल और व्यवस्थाओं की पूरी जांच कर सके. जिला मनोरंजन कर अधिकारी समेत अन्य टीमें स्थलों का निरीक्षण करेंगी.
नियम तोड़ने पर क्या होगी कार्रवाई?
बिना अनुमति आयोजन पकड़े जाने पर कार्यक्रम तुरंत बंद कराया जाएगा. आयोजकों के खिलाफ उत्तर प्रदेश चलचित्र अधिनियम या अन्य संबंधित कानूनों के तहत मुकदमा, जुर्माना और जरूरत पड़ने पर कारावास की कार्रवाई भी हो सकती है. प्रशासन ने होटल और क्लब संचालकों से नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है.
निजी कार्यक्रमों पर क्या नियम?
ये निर्देश सार्वजनिक या व्यावसायिक आयोजनों पर लागू होंगे. निजी पारिवारिक समारोह इससे बाहर हैं, लेकिन यदि वे बड़े स्तर पर हों या सार्वजनिक स्थान पर आयोजित किए जाएं, तो अनुमति जरूरी होगी. मेरठ, लखनऊ समेत अन्य जिलों में भी इसी तरह के निर्देश जारी किए गए हैं. यह उत्तर प्रदेश सरकार की सामान्य नीति का हिस्सा माना जा रहा है, ताकि त्योहार सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से मनाए जा सकें.
