NIA: तहव्वुर राणा को भारत लाने में झारखंड से जुड़े अधिकारियों का रहा है अहम रोल

अमेरिका से प्रर्त्यापण कर भारत लाने में एनआईए के दो अधिकारियों आशीष बत्रा और जया रॉय की भूमिका महत्वपूर्ण रही है. दोनों अधिकारियों का झारखंड से नाता रहा है. बत्रा एनआईए में एनआईए में इंस्पेक्टर जनरल और जया रॉय डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल के पद पर तैनात है.

NIA: मुंबई हमले का आरोपी आतंकी तहव्वुर राणा आखिरकार भारत पहुंच गया. कड़ी सुरक्षा के बीच राणा को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी(एनआईए) के मुख्यालय लाया गया और उसे गिरफ्तार करने की प्रक्रिया पूरी की गयी. लेकिन अमेरिका से प्रत्यर्पण कर भारत लाने में एनआईए के दो अधिकारियों आशीष बत्रा और जया रॉय की भूमिका महत्वपूर्ण रही है. दोनों अधिकारियों का झारखंड से नाता रहा है. आशीष बत्रा झारखंड कैडर के 1997 बैच के आईपीएस अधिकारी है और वे मौजूदा समय में एनआईए में इंस्पेक्टर जनरल के पद पर तैनात हैं.

एनआईए में आने से पहले बत्रा झारखंड के नक्सलियों से लड़ने से लिए बनायी गयी जगुआर के आईजी पद पर तैनात थे. वर्ष 2019 में उन्हें डेप्युटेशन पर पांच साल के लिए एनआईए में लाया गया. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सितंबर 2024 में पांच साल कार्यकाल पूरा होने के बाद दो साल का कार्यकाल बढ़ा दिया. पुलिस अधिकारी के तौर पर आशीष बत्रा कई अहम भूमिका निभा चुके हैं. वे हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक के पद भी रह चुके है.

इसके अलावा रांची में सिटी एसपी के पद भी काम कर चुके है. वहीं जया रॉय झारखंड कैडर की 2011 बैच की पुलिस अधिकारी है और मौजूदा समय में एनआईए में डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल के पद पर तैनात है. रॉय भी वर्ष 2019 से एनआईए में काम कर रही है. जामताड़ा में साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए रॉय जानी जाती है. 


पूछताछ से कई अहम जानकारी मिलने की उम्मीद


पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक तहव्वुर राणा पेशे से डॉक्टर है. लंबी कानूनी लड़ाई के बाद राणा को अमेरिका से भारत लाने में कामयाबी मिल है. राणा को तिहाड़ जेल के हाई रिस्क कैदी के तौर पर वार्ड नंबर 2 या 4 में रखा जा सकता है. इसके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के अलावा 24 घंटे सीसीटीवी से निगरानी करने की व्यवस्था होगी. अपने सहयोगी रिचर्ड कोलमैन हेडली के साथ मिलकर राणा ने मुंबई हमले की साजिश रची थी. वर्ष 2009 में अमेरिका की एफबीआई ने रिचर्ड हेडली को डेनमार्क के एक अखबार के दफ्तर पर हमला करने की साजिश में शिकागो एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था.

पूछताछ में हेडली ने राणा का नाम लिया और मुंबई में हुए हमले की साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार की. इसके बाद राणा को गिरफ्तार किया गया. भारतीय अधिकारी पहली बार राणा से पूछताछ करेंगे. वर्ष 2010 में एनआईए की टीम ने रिचर्ड कोलमैन हेडली से अमेरिका में पूछताछ की थी, लेकिन राणा से पूछताछ नहीं हो पायी थी. एनआईए को राणा से पूछताछ से मुंबई हमले की साजिश से जुड़ी कई अहम जानकारी मिलने की संभावना है. इसमें पाकिस्तान की आईएसआई और सेना की भूमिका भी सामने आने की पूरी संभावना है. 

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By Anjani Kumar Singh

Anjani Kumar Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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