आतंकवाद के खिलाफ NIA की बड़ी कार्रवाई, जम्मू-कश्मीर के 7 जिलों के 15 जगहों पर छापेमारी

इससे पहले जम्मू कश्मीर पुलिस की विशेष जांच इकाई (एसआईयू) ने सीमा पार से आतंकवाद को वित्तपोषण तथा समर्थन देने के मामले में किश्तवाड़ और पुलवामा जिलों में पांच आतंकवादियों तथा तीन संदिग्धों के मकानों पर छापा मारा.

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने आतंकवाद से जुड़े मामलों में शनिवार सुबह जम्मू कश्मीर के सात जिलों – श्रीनगर, पुलवामा, अवंतीपोरा, अनंतनाग, शोपियां, पुंछ और कुपवाड़ा में 15 स्थानों पर छापेमारी की.

छापेमारी में जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की टीम भी शामिल

अधिकारियों के मुताबिक, एनआईए के अधिकारियों के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कर्मी भी छापेमारी अभियान में शामिल हैं.

एसआईयू ने पाकिस्तान से सक्रिय पांच आतंकवादियों के मकानों पर छापा मारा

इससे पहले जम्मू कश्मीर पुलिस की विशेष जांच इकाई (एसआईयू) ने सीमा पार से आतंकवाद को वित्तपोषण तथा समर्थन देने के मामले में किश्तवाड़ और पुलवामा जिलों में पांच आतंकवादियों तथा तीन संदिग्धों के मकानों पर छापा मारा. बताया जा रहा है कि किश्तवाड़ जिले के मकान पाकिस्तान से सक्रिय आतंकवादियों के हैं और वे क्षेत्र में आतंकवाद को फिर से खड़ा करने की कोशिश में लगे हैं.

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आतंकवादियों, मादक पदार्थ तस्करों और माफियाओं के बीच गठजोड़ को लेकर एनआईए ने की थी छापेमारी

एनआईए ने इससे पहले आतंकवादियों, नशीले पदार्थों के तस्करों और माफियाओं के बीच गठजोड़ से जुड़े मामलों में छह राज्यों में 100 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी. जिन राज्यों में छापेमारी की गयी, उसमें हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश शामिल हैं. एनआईए ने पिछले साल तीन मामले दर्ज किए थे, जिनमें आरोप लगाया गया था कि आतंकवादी संगठन और विदेश में मौजूद उनके समर्थक लक्षित हत्याओं और हिंसक आपराधिक कृत्यों को अंजाम देने के लिए भारत के उत्तरी राज्यों में सक्रिय संगठित आपराधिक गिरोहों के सदस्यों के रूप में काम कर रहे हैं.

अप्रैल को किश्तवाड़ के 23 आतंकवादियों के खिलाफ जारी की गयी थी गैर जमानती वारंट

गौरतलब है कि जम्मू में एनआईए की विशेष अदालत ने 26 अप्रैल को किश्तवाड़ के 23 आतंकवादियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था. ये आतंकवादी सीमा पार से गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं. इससे पहले 13 आतंकवादियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

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UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

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एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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