राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए (NIA) ने एक दिसंबर को फरार आतंकवादी हरप्रीत सिंह को मलेशिया के कौला लुम्पुर से आने पर गिरफ्तार किया. इस संबंध में जानकारी केंद्रीय जांच एजेंसी की ओर से दी गयी है. लुधियाना की अदालत में 2021 में हुए बम विस्फोट मामले का मुख्य साजिशकर्ता एवं वांछित आतंकवादी हरप्रीत सिंह दिल्ली हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया है.
NIA की ओर से बताया गया है कि रोड के निर्देश पर काम करते हुए हरप्रीत ने विशेष रूप से निर्मित IED की डिलीवरी का समन्वय किया. इसे पाकिस्तान से उसके भारत स्थित सहयोगियों को भेजा गया था, जिसका उपयोग लुधियाना कोर्ट कॉम्प्लेक्स विस्फोट में किया गया था.
लुधियाना कोर्ट बिल्डिंग ब्लास्ट का साजिशकर्ता
जांच एजेंसी ने बताया कि हरप्रीत, लखबीर सिंह रोड का सहयोगी है जो पाकिस्तान स्थित इंटरनेशल सिख यूथ फेडरेशन(ISYF) का स्वयंभू प्रमुख है. हरप्रीत, लखबीर सिंह रोड के साथ दिसंबर 2021 लुधियाना कोर्ट बिल्डिंग ब्लास्ट के साजिशकर्ताओं में से एक था.
गैर-जमानती वारंट जारी
यहां चर्चा कर दें कि विस्फोट में एक की मौत हुई थी जबकि कई लोग घायल हो गये थे. एनआईए की ओर से हरप्रीत सिंह पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसके खिलाफ विशेष एनआईए अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था और एक लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था.
और क्या बताया एनआईए ने
पंजाब के लुयाना कमिश्नरेट के थाना डिवीजन नंबर पांच में शुरूआत में यह मामला पिछले साल 23 दिसंबर को दर्ज किया गया. वहीं एनआईए ने 13 जनवरी को इसे फिर से दर्ज किया था. एनआईए के प्रवक्ता ने इस बाबत जानकारी देते हुए बताया कि जांच से पता चला है कि पाकिस्तानी आतंकी संगठन इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन (आईएसवाईएफ) प्रमुख लखबीर सिंह रोडे का सहयोगी हरप्रीत सिंह, रोडे के साथ लुधियाना अदालत इमारत विस्फोट के साजिशकर्ताओं में से एक था.
एनआईए ने कहा कि गिरफ्तार आरोपी विस्फोटकों, हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी सहित विभिन्न मामलों में भी शामिल था और पुलिस को वांछित था.
