उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शनिवार शाम NEET पेपर लीक चलते 20 छात्रों याद में लोगों ने कैंडल मार्च निकाला. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, बड़ी संख्या में हाथों में मोमबत्तियां लेकर जुटे लोगों पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग उठाई. प्रदर्शन के दौरान माहौल भावुक रहा और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई.
पुराने विवाद की फिर हुई याद
यह कैंडल मार्च उस विवाद की याद दिलाता है जिसने पूरे देश में लाखों छात्रों और अभिभावकों को झकझोर दिया था. NEET पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हुए, अदालतों में याचिकाएं दायर हुईं और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठे. छात्रों ने लगातार निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा देने की मांग की थी.
कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि सिर्फ दोषियों की गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसा कठोर कानून बनना चाहिए जिससे भविष्य में किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में पेपर लीक न हों.
न्याय और पारदर्शिता की मांग
कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने कहा कि केवल दोषियों की गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसी मजबूत व्यवस्था बनाई जानी चाहिए जिससे भविष्य में किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में पेपर लीक जैसी घटनाएं न हों. प्रदर्शनकारियों ने स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के साथ शिक्षा प्रणाली में जवाबदेही बढ़ाने की मांग दोहराई.
शिक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
कैंडल मार्च के दौरान लोगों ने कहा कि लाखों मेहनती छात्रों के सपनों की कीमत पर होने वाली लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जा सकती. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक परीक्षा प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी नहीं बनेगी, तब तक छात्रों का भरोसा पूरी तरह बहाल नहीं हो सकेगा. उन्होंने सरकार से अपील की कि दोषियों को जल्द सजा दिलाकर शिक्षा व्यवस्था में विश्वास दोबारा स्थापित किया जाए.
