छत्तीसगढ़: दंतेवाड़ा में नक्सलियों ने किया IED ब्लास्ट,10 जवान और 1 ड्राइवर शहीद, सर्च ऑपरेशन जारी

Naxal Attack : छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट किया जिसमें 10 जवानों के शहीद होने की सूचना है.साथ ही एक ड्राइवर भी शहीद हुआ. जानकारी के अनुसार अभी पुलिस सर्च अभियान चला रही है.

Naxal Attack : छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा इलाके के अरनपुर में नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट किया, जिसमें 11 जवान शहीद हो गये हैं. जानकारी के अनुसार हमले में 10 डीआरजी जवान और एक ड्राइवर शहीद हुआ है. घटना पर दुख जताते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा है कि नक्सलियों को बख्शा नहीं जायेगा, उन्हें समाप्त किया जायेगा. यह हमला नक्सल विरोधी अभियान के दौरान हुआ.


नक्सलियों के बारे में मिली थी गुप्त सूचना

डीआरजी के अधिकारियों ने मीडिया को सूचना दी है कि दंतेवाड़ा के अरनपुर पुलिस थाना क्षेत्र में माओवादियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिलने के बाद District Reserve Guard (डीआरजी) की एक टीम को नक्सल विरोधी अभियान के लिए भेजा गया था. धमाका उस वक्त किया गया जब टीम ऑपरेशन के बाद लौट रही थी. इस हमले में डीआरजी के 10 जवान और ऑपरेशन में शामिल एक ड्राइवर की मौत हो गई. District Reserve Guard क्षेत्र में नक्सलवाद का मुकाबला करने के लिए बनायी गयी छत्तीसगढ़ पुलिस के स्पेशल सेल की एक इकाई है.

बस्तर के आई पी सुंदरराज ने बताया कि नक्सलियों के आईईडी ब्लास्ट में डीआरजी के दस जवान और एक ड्राइवर की मौत हो गयी है. शहीद जवानों के शव को घटनास्थल से निकाल लिया गया है. वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं और सर्च ऑपरेशन जारी है.


अमित शाह ने की भूपेश बघेल से बात

दंतेवाड़ा में नक्सली हमले की सूचना के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से फोन पर बात की और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया. उन्होंने मुख्यमंत्री से घटना के बारे में पूरी जानकारी भी ली . गृहमंत्री अमित शाह ने इस नक्सली हमले को कायराना बताते हुए ट्‌वीट किया है और जवानों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना जतायी है. उन्होंने ट्वीट किया है कि मैंने मुख्यमंत्री को हर संभव सहायता देने की बात कही है.


घात लगाकर नक्सलियों ने किया हमला

जानकारी के अनुसार घटना उस वक्त हुई जब डीआरजी के जवान अपने वाहन पर जा रहे थे. नक्सलियों ने रास्ते में आईईडी प्लांट करके रखा था जिसकी वजह से यह दुर्घटना हुई. इलाके में अभी नक्सलियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ जारी है.


भूपेश बघेल ने ट्‌वीट कर शोक जताया

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्‌वीट कर इस हमले की निंदा की और जवानों को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने ट्‌वीट किया नक्सल विरोधी अभियान के लिए पहुंचे डीआरजी के 11 जवानों के शहीद होने की सूचना है. हम उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं.

नक्सली हमले को रमन सिंह ने बताया कायराना

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने इस नक्सली हमले को कायराना बताया है और कहा है कि हम अभी तक नक्सलियों को समाप्त नहीं कर पाये हैं यह चिंता की बात है. मुख्यमंत्री को इस दिशा में ठोस प्रयास करना चाहिए. वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस नक्सली हमले को कायराना बताया और घटना में शहीद हुए जवानों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना जतायी है.

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लेखक के बारे में

Author: Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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