National Security: महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता

उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 32वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा की सशक्त राज्य ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं और इस लक्ष्य को हासिल करने में क्षेत्रीय परिषदों का अहम योगदान है.

By Anjani Kumar Singh | November 17, 2025 8:32 PM

National Security: दिल्ली में हाल ही में हुए कार बम विस्फोट और जम्मू-कश्मीर के नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए विस्फोट में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद को जड़ से समाप्त करना सरकार की प्राथमिकता है. दिल्ली बम विस्फोट के दोषियों को सरकार पाताल से भी ढूंढ कर देश की न्यायिक व्यवस्था के सामने खड़ा करने का काम करेगी और उन्हें सख्त से सख्त सजा दिलाने का काम किया जाएगा.

फरीदाबाद में उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 32वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा की सशक्त राज्य ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं और इस लक्ष्य को हासिल करने में क्षेत्रीय परिषदों का अहम योगदान है. संवाद, सहयोग, समन्वय और पॉलिसी सिनर्जी के लिए क्षेत्रीय परिषदें बहुत महत्वपूर्ण हैं. इन परिषदों के जरिये कई तरह की समस्या का समाधान किया जा सकता है. 

गृह मंत्री ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों में जल्द सजा दिलाने में देरी, कुपोषण और ठिगनापन जैसी कई समस्या से देश को मुक्त करने की आवश्यकता है. महिलाओं और बच्चों के खिलाफ पॉक्सो कानून के तहत यौन अपराध और बलात्कार के मामलों की त्वरित जांच पर उन्होंने जोर देते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसके लिए फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों की संख्या बढ़ाने का काम किया जा रहा है. 

सहकारिता रोजगार का बन सकता है प्रमुख क्षेत्र

अमित शाह ने कहा कि सहकारिता, कृषि और मछली पालन गरीबी दूर करने और रोजगार प्रदान करने का महत्वपूर्ण जरिया बन सकता है.सहकारिता, कृषि और मछली पालन से गरीबी दूर हो रही है और रोजगार बढ़ रहे हैं. प्रधानमंत्री के ‘सहकार से समृद्धि’ के मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा, सहकारिता क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावना है. सकल घरेलू उत्पाद के साथ रोजगार, खासकर स्वरोजगार में वृद्धि से ही विकसित भारत के सपने को साकार किया जा सकता है. सिर्फ जीडीपी देश की समृद्धि का परिचायक नहीं होता बल्कि समृद्धि तभी मानी जाती है जब हर व्यक्ति गरीबी रेखा से ऊपर आ जाता है.

सरकार के सहकारिता मंत्रालय ने देश भर में सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 57 पहल की हैं. इनमें प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) के कंप्यूटरीकरण, तीन नई राष्ट्रीय सहकारी समितियों की स्थापना और त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी की स्थापना शामिल है. क्षेत्रीय परिषदों की मूल भावना और भूमिका सलाहकारी है, लेकिन पिछले दशक में इसे एक्शन ओरिएंटेड प्लेटफॉर्म के रूप में स्वीकारा गया है और इसके परिणाम भी मिल रहे हैं. राज्यों के बीच, क्षेत्र और राज्यों के बीच और केंद्र और राज्य सरकारों के साथ फॉलोअप के साथ मुद्दों के समाधान की चुनौती को केंद्र सरकार ने स्वीकार किया है और इनके समाधान प्राप्त करने के लिए ठोस रास्ता भी बनाया है.