असम: बुलडोजर से गिराई गई नेहरू मूर्ति 3 दिन बाद फिर लगी, दोषी अब तक फरार

असम: राज्य के कछार जिले में पूर्व पीएम जवाहरलाल नेहरू की मूर्ति सोमवार-मंगलवार की रात गिरा दी गई थी. इस घटना के बाद असम कांग्रेस ने कड़ी आपत्त जताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी थी. तीन दिन बाद मूर्ति को फिर से लगा दिया गया है, हालांकि दोषियों की धरपकड़ अब तक नहीं हो पाई है.

असम: कछार जिले में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की एक प्रतिमा के साथ तोड़फोड़ की गई. यह घटना सोमवार 23 फरवरी और मंगलवार 24 फरवरी की दरम्यानी रात को लक्षीपुर थाना क्षेत्र के पैलापूल बाजार में हुई. इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर असम कांग्रेस ने शेयर किया है. इसमें देखा जा सकता है कि 10 फुट ऊंची प्रतिमा को उखाड़ने में एक एक्सकेवेटर को इस्तेमाल किया गया था. 

कांग्रेस नेता प्रदीप कुमार डे ने कहा कि मंगलवार सुबह टहलने निकले लोगों ने प्रतिमा के साथ की गई तोड़फोड़ को देखा. कांग्रेस के सिलचर अध्यक्ष सजल आचार्य ने आरोप लगाया कि यह एक सुनियोजित हमला था. उन्होंने कहा, ‘चुनावों से पहले लोगों के बीच तनाव पैदा करने के उद्देश्य से यह किया गया है.’ डे ने बताया कि यह प्रतिमा वर्ष 2000 में नेहरू कॉलेज के सामने स्थापित की गई थी, जिसकी स्थापना 1965 में हुई थी.  इस घटना को लेकर कांग्रेस ने प्राथमिकी दर्ज कराई है. 

असम कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर घटना का सीसीटीवी फुटेज शेयर करते हुए लिखा, ‘हम असम के कछार ज़िले के लक्षीपुर में पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा के साथ की गई कायराना और शर्मनाक तोड़फोड़ की कड़ी निंदा करते हैं. प्रतिमा को खुलेआम एक्सकेवेटर की मदद से नुकसान पहुंचाया गया.’

पोस्ट में आगे कहा गया कि असम के मुख्यमंत्री के करीबी सहयोगी कौशिक राय लक्षीपुर से विधायक हैं. असम कांग्रेस ने कहा कि हम जानना चाहते हैं, यह एक्सकेवेटर किसका है? किसके निर्देश पर यह तोड़फोड़ की गई? हम दोषियों के खिलाफ सख्त और उदाहरण पेश करने वाली कार्रवाई की मांग करते हैं.

मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इसे जब्त कर लिया गया है. इसके साथ ही इस मामले में एक व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया है. लक्षीपुर थाने के प्रभारी शंकर दयाल ने पीटीआई से कहा, ‘हमें इस घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिला है. हालांकि, सीसीटीवी फुटेज में कुछ अज्ञात उपद्रवियों को एक्सकेवेटर की मदद से प्रतिमा गिराते हुए देखा गया है.’ दयाल ने आगे बताया, ‘मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. घटना से जुड़े एक व्यक्ति को पकड़ा गया है और एक्सकेवेटर को जब्त कर लिया गया है, लेकिन उसके चालक को अभी गिरफ्तार नहीं किया जा सका है.’

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द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, कछार जिले के अधिकारियों ने गुरुवार 26 फरवरी को बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की ‘तोड़फोड़ की गई’ प्रतिमा को बहाल कर दिया गया है. प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है. राज्य की 126 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव मार्च-अप्रैल में होने की संभावना है. उससे पहले इस तरह की घटना विवादों को बढ़ा सकती हैं. 

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By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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