मुख्य बातें
Maharashtra: महाराष्ट्र की राजनीति में टूट-फूट के साथ बवाल थम नहीं रहा है. शिवसेना की तर्ज पर एनसीपी में भी बगावत हो गई. पार्टी के बागी ‘अदृश्य शक्ति’ की मदद से सत्ता के गलियारे में पहुंच गए हैं. महाराष्ट्र में अक्टूबर 2019 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद से ही सूबे की राजनीति में उठा-पटक जारी है. 21 जून, 2022 को कद्दावर हिंदूवादी नेता बाला साहेब ठाकरे की पार्टी शिवसेना में बगावत हुई और पार्टी टूट गई. इसके बाद भारत के निर्वाचन आयोग ने बागी गुट वाली शिवसेना को असली बताते हुए चुनाव चिह्न बागियों के मुखिया एकनाथ शिंदे को दे दिया. इस प्रकरण से सबक लेते हुए एनसीपी भी अलर्ट मोड में है.
