COVID-19 : 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन बढ़ा सकती है सरकार, 80 फीसदी दल इसके पक्ष में

कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में ज्यादातर विपक्षी दलों (floor leaders ) ने, कोरोना वायरस (COVID-19) का संक्रमण फैलने (fast-spreading virus in the country) से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन (Coronavirus India Lockdown) की अवधि बढ़ाने का सुझाव दिया और सरकार ऐसा निर्णय कर सकती है.

नयी दिल्ली : कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद मोदी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में ज्यादातर विपक्षी दलों ने, कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने का सुझाव दिया और सरकार ऐसा निर्णय कर सकती है.

बैठक के बाद लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, संभावना है कि सरकार लॉकडाउन की अवधि को आगे बढ़ाए. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए कांग्रेस ने प्रधानमंत्री को कुछ सुझाव दिए हैं.

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प्रधानमंत्री के साथ विपक्षी नेताओं की बैठक बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा , ज्यादातर विपक्षी नेताओं…., करीब 80 फीसदी ने लॉकडाउन की अवधि आगे बढाने की बात की. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन की मियाद बढ़ाने के सुझाव उनके पास आ रहे हैं लेकिन कोई भी कदम उठाने से पहले वह मुख्यमंत्रियों और अपने सहयोगियों से विचार-विमर्श करेंगे.

आजाद ने कहा कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में सरकार की मदद के लिए राजनीतिक दलों का कार्य समूह बनाया जाए. उनके मुताबिक कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि कोरोना वायरस संकट से निपटने के लिए केन्द्र सरकार के कार्यबल में प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी शामिल करने, छोटे प्रदेशों को वित्तीय पैकेज देने, जांच मुफ्त करने सहित कई कदम उठाए जाएं.

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उन्होंने कहा, हमने प्रधानमंत्री से कहा कि वायरस को जड़ से खत्म करने के लिए सख्त कदम की जरूरत है. लक्षित और क्षेत्रवार योजना बननी चहिए. आजाद ने बताया, कोरोना वायरस संकट को लेकर केंद्र ने एक कार्यबल बनाया है. हमने कहा कि इसमें उन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को शामिल किया जाए जहां कोरोना वायरस के मामले अधिक हैं.

उन्होंने कहा कि छोटे राज्यों को केंद्र सरकार विशेष वित्तीय पैकेज दे. आजाद के अनुसार, कांग्रेस की तरफ से कोरोना वायरस के संक्रमण की जांच मुफ्त करने और बड़े पैमाने पर जांच करने की मांग की गई.

उन्होंने कहा कि देश के 45 करोड़ श्रमिकों को मदद देने, फसलों की कटाई और उपज की खरीद में किसानों की मदद करने, उर्वरक, कीटनाशक और खेती में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों पर जीएसटी खत्म करने और किसानों के कर्ज पर ब्याज के भुगतान को छह महीने के लिए टालने के सुझाव भी सरकार को दिये गए.

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Author: ArbindKumar Mishra

Published by: Prabhat Khabar

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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