Murshidabad Violence : पश्चिम बंगाल में हिंदू सुरक्षित नहीं, बवाल के बाद बीजेपी का टीएमसी पर तंज

Murshidabad Violence : पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ जारी प्रदर्शन से कथित रूप से जुड़ी हिंसक झड़पों में पिता-पुत्र समेत तीन लोगों की मौत हो गई. इसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की कि राज्य में वक्फ (संशोधन) अधिनियम लागू नहीं किया जाएगा. बीजेपी ने हिंसा को लेकर बंगाल सरकार पर हमला किया है.

Murshidabad Violence : पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को दावा किया कि राज्य में हिंदू सुरक्षित नहीं हैं और स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है. अधिकारी की यह टिप्पणी वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान मुर्शिदाबाद में भीड़ की हिंसा में तीन लोगों की मौत के बाद आई. एएनआई ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता के कमेंट को कोट किया. इसमें अधिकारी ने कहा, “यहां हिंदू त्योहार मनाने के लिए कोर्ट जाना पड़ता है. काफी हिंसा हुई. शुक्रवार को दो मौतें हुईं. पुलिस फायरिंग में एक और मौत हो गई. धुलियान में हिंदुओं की दुकानों को लूटा गया. स्थिति पुलिस के कंट्रोल से बाहर है. अब तक 35 पुलिसकर्मी घायल हो चुके हैं.”

बंगाल में हिंदू सुरक्षित नहीं : शुभेंदु अधिकारी

उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी तुष्टीकरण की राजनीति कर रही हैं. मैंने पहले राज्यपाल को (बंगाल में केंद्रीय बलों की तैनाती के लिए) पत्र लिखा था, शुक्रवार को मैंने मुख्यमंत्री से भी अपील की. जब इन लोगों ने ऐसा नहीं किया तो मैं कोर्ट गया. रविवार को कॉलेज स्क्वायर में बीजेपी की रैली है. जमीनी हकीकत यह है कि बंगाल में हिंदू सुरक्षित नहीं हैं, स्थिति बहुत गंभीर और नाजुक है.”

मुर्शिदाबाद हिंसा को लेकर अबतक क्या खबर आई सामने

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, मुर्शिदाबाद में हुई झड़पों में कम से कम तीन लोग मारे गए. वहीं, हिंसा के सिलसिले में 138 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है. एक ताजा घटनाक्रम में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के महानिरीक्षक करणी सिंह शेखावत मुर्शिदाबाद में हिंसा प्रभावित क्षेत्र पहुंचे. वहीं कलकत्ता हाई कोर्ट ने शनिवार को मुर्शिदाबाद जिले में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की तैनाती का आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि कि “वह पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों में बर्बरता की खबरों पर आंखें नहीं मूंद सकता.”

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न्यायमूर्ति सौमेन सेन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने बताया, “हम विभिन्न रिपोर्टों को नजरअंदाज नहीं कर सकते, जिनमें प्रथम दृष्टया पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों में बर्बरता की बात सामने आई है.” कोर्ट ने कहा कि मुर्शिदाबाद के अलावा दक्षिण 24 परगना जिले के अमतला, उत्तर 24 परगना जिले और हुगली के चांपदानी में भी घटनाएं सामने आई हैं.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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