Rajya Sabha : विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि जंग के समय ईरान के नेतृत्व से सीधे संपर्क करना मुश्किल था. हमने ईरानी युद्धपोत को कोच्चि बंदरगाह पर डॉक करने की अनुमति दी. इस कदम की तेहरान ने सराहना की. ईरान के विदेश मंत्री ने भारत का धन्यवाद किया.
उन्होंने कहा कि वेस्ट एशिया में हो रहे घटनाक्रम हम सभी के लिए गहरी चिंता का कारण हैं. हमारा मानना है कि सभी मुद्दों के समाधान के लिए बातचीत और विचार-विमर्श किया जाना चाहिए. संघर्ष शुरू होने के बाद से भारत सरकार वहां के हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है.
तेहरान में हमारा दूतावास पूरी तरह एक्टिव
विदेश मंत्री ने कहा कि तेहरान में भारतीय दूतावास ने कई भारतीय छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने में मदद की. ईरान में व्यापार में लगे भारतीय नागरिकों को अर्मेनिया के रास्ते भारत लौटने में मदद दी गई. तेहरान में हमारा दूतावास पूरी तरह एक्टिव और हाई अलर्ट पर है. इस समय भारतीय समुदाय का साथ देना हमारी पहली प्राथमिकता है.
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जयशंकर ने कहा कि भारत शांति, बातचीत और कूटनीति के जरिए समाधान का समर्थक है. भारत मौजूदा परिस्थितियों में तनाव कम करने, संयम बरतने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की वकालत करता है.
पश्चिम एशिया पर तत्काल चर्चा होनी चाहिए: कांग्रेस
कांग्रेस ने संसद में विदेश मंत्री एस जयशंकर के बयान पर असंतोष जताते हुए कहा कि इस मामले पर तत्काल चर्चा होनी चाहिए. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि राज्यसभा में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग को अस्वीकार कर दिया गया, जिसके बाद विपक्ष को वॉकआउट करना पड़ा.
