Money Laundering Case: महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक की परेशानी कम होती नहीं दिख रही है. मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आज प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने बुधवार को धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक की संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया.
मुंबई के आर्थर जेल में बंद है नवाब मलिक
बता दें कि नवाब मलिक फिलहाल मुंबई के आर्थर रोड जेल में बंद हैं. उन्हें फरवरी महीने में गिरफ्तार किया गया था. ईडी ने अपने बयान में कहा कि मोहम्मद नवाब मोहम्मद इस्माइल मलिक उर्फ नवाब मलिक, उनके परिवार के सदस्य की सॉलिड इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड और मलिक इंफ्रास्ट्रक्चर की संपत्तियों को पीएमएलए कानून के तहत कुर्क किया गया है. कुर्क की गई संपत्तियों में मुंबई के उपनगर कुर्ला पश्चिम में मौजूद गोवा वाला कंपाउंड, एक कमर्शियल प्लॉट, महाराष्ट्र के उस्मानाबाद जिले में मौजूद 147.79 एकड़ कृषि भूमि, कुर्ला वेस्ट में तीन फ्लैट, बांद्रा वेस्ट में दो रिहायशी फ्लैट शामिल हैं.
नवाब मलिक पर आरोप
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक की गिरफ्तारी के बाद अदालत में किया गया था. कोर्ट में जिरह के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने नवाब मलिक पर टेरर फंडिंग का आरोप लगाया था. ईडी ने तब अदालत में कहा था कि नवाब मलिक अंतरराष्ट्रीय अंडरवर्ल्ड दाउद इब्राहिम के लोगों से संबंध रखते हैं और उनके साथ हवाला जैसी अवैध गतिविधियों में भी शामिल हैं. ईडी का आरोप है कि नवाब मलिक टेरर फंडिंग जैसी गतिविधियों में लिप्त हैं और इस मामले की आगे की जांच होना जरूरी है.
गिरफ्तारी के विरोध में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे नवाब मलिक
एनसीपी नेता नवाब मलिक ने अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है. नवाब मलिक की याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट विचार करेगा. उन्होंने याचिका में सुप्रीम कोर्ट से जेल से तत्काल रिहा करने की गुहार लगाई है. महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नवाब मलिक के वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से पीएमएलए कानून का हवाला देते हुए पूरे मामले की जल्द से जल्द सुनवाई करने का आग्रह किया है.
