प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच बृहस्पतिवार ( 6 अगस्त ) को फोन पर अहम बातचीत हुई. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, दोनों नेताओं ने भारत-इजरायल संबंधों की मौजूदा स्थिति और मिडिल ईस्ट में लगातार बिगड़ते हालात पर विस्तार से चर्चा की. दोनों ने क्षेत्रीय शांति और आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया.
रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति
फोन पर बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-इजरायल स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की प्रगति की समीक्षा की. इसमें रक्षा, कृषि, तकनीक, साइबर सुरक्षा और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के संकल्प को दोहराया गया. दोनों देशों ने भविष्य में भी नियमित संपर्क बनाए रखने और साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर सहमति जताई.
पीएम नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन के बीच यह फोन वार्ता ऐसे समय हुई है, जब मिडिल ईस्ट में पिछले पांच महीनों से तनाव बना हुआ है.स्ट्रेटऑफ होर्मुज को लेकर ईरान और ओमान के बीच बातचीत अंतिम चरण में है, जबकि लेबनान सीमा पर इजरायल को भी सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से इस क्षेत्र की स्थिति बेहद अहम मानी जा रही है, इसलिए दुनिया की नजर भारत-इजरायल समेत सभी प्रमुख देशों की कूटनीतिक पहल पर टिकी हुई है.
तीन दशक में मजबूत हुए रिश्ते
भारत और इजरायल के बीच पिछले 30 वर्षों में रणनीतिक भरोसे पर आधारित मजबूत संबंध विकसित हुए हैं. रक्षा सहयोग, आतंकवाद के खिलाफ साझेदारी, इंटेलिजेंस शेयरिंग और कृषि तकनीक दोनों देशों के रिश्तों की मजबूत नींव बने हैं. हालांकि आर्थिक सहयोग अभी भी पूरी क्षमता तक नहीं पहुंच पाया है, लेकिन प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) इस दिशा में बड़ा बदलाव ला सकता है.
FTA वार्ता से बढ़ी उम्मीदें
नवंबर 2025 में तय हुए टर्म्स ऑफ रेफरेंस के बाद 20 से 23 जुलाई तक नई दिल्ली में भारत और इजरायल के बीच दूसरे दौर की वार्ता हुई. माना जा रहा है कि यह समझौता दोनों देशों के व्यापार और निवेश संबंधों को नई दिशा दे सकता है.
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