Former Minister Ramesh Pokhriyal Bungalow पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के टाइप आठ बंगला सुर्खियों में बना हुआ है. दरअसल, मंत्री बनने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी खुलकर इस बंगले में रहने की इच्छा जताई थी. 27 सफदरजंग रोड को लेकर बीजेपी के दो बड़े नेताओं में जारी खींचतान से जुड़ी मीडिया में प्रकाशित खबरों को लेकर आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.
न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने कहा है कि मीडिया में प्रकाशित खबरों में निदेशालय नियम पुस्तिका के अनुसार बताया जा रहा है कि वर्तमान राज्यसभा सांसदों को टाइप-8 बंगले आवंटित किए जा सकते हैं, सही नहीं है. मंत्रालय ने कहा है कि पूर्व मंत्रियों को मकानों का आवंटन पात्रता के अनुसार किया जाता है.
वहीं, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के कार्यालय ने साफ किया है कि लोकसभा सचिवालय के नियमों के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, पूर्व राज्यपाल और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष में से यदि कोई सांसद दो अर्हताएं रखता हो तो वह टाइप आठ बंगले में रहने का हकदार है. पोखरियाल निशंक पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं तथा लोकसभा सचिवालय ने उन्हें टाइप 8 मकान के लिए अधिकृत किया है. वह पहले से ही इस श्रेणी के मकान में रह भी रहे हैं. इसके अलावा उन्हें किसी ने यह बंगला खाली करने को भी नहीं कहा है.
Also Read: नाक से दिए जाने वाली वैक्सीन के दूसरे व तीसरे चरण के ट्रायल को मिली मंजूरी, जानें इसके बारे में सबकुछबता दें कि इससे पूर्व मीडिया में ऐसी खबरें आ रही थी केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 27 सफदरजंग रोड स्थित बंगले में ही रहना चाहते हैं. फिलहाल रमेश पोखरियाल निशंक इस बंगले में रहते है. खबर में दावा किया गया था कि रमेश पोखरियाल निशंक ने कैबिनेट से हटने के एक महीने बाद भी बंगला खाली नहीं किया है. खबरों का खंडन करते हुए रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि उनसे किसी ने बंगले को खाली करने के लिए कहा ही नहीं है और वह उसमें रहने के लिए अधिकृत हैं. इसके लिए उन्होंने नियमावलि का हवाला देते हुए कहा कि वह पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व चीफ मिनिस्टर के तौर पर टाइप 8 मकान के लिए अधिकृत हैं.
